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Budget 2026: ईएमआई घटेगी या बढ़ेगी? बजट में होम लोन और टैक्स डिडक्शन पर सस्पेंस

महंगाई के इस दौर में आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता उसकी जेब बन गई है। ऐसे में बजट 2026 से लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। होम लोन की बढ़ती EMI हो या इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद, मिडिल क्लास की नजरें सरकार पर टिकी हैं।

Edited By: Shivendra Singh
Published : Jan 28, 2026 02:51 pm IST, Updated : Jan 28, 2026 02:51 pm IST
बजट 2026 से उम्मीद- India TV Paisa
बजट 2026 से उम्मीद

जैसे-जैसे 1 फरवरी 2026 की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे देश के करोड़ों होम लोन धारकों और मीडियम क्लास की धड़कनें तेज हो रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना नौवां बजट पेश करने वाली हैं, और इस बार का सबसे बड़ा सस्पेंस होम लोन और टैक्स डिडक्शन पर टिका है। भारतीय रियल एस्टेट बाजार में घरों की बढ़ती कीमतों और ब्याज दरों के बीच आम आदमी की नजरें इस बात पर हैं कि क्या इस बजट में EMI का बोझ कम करने के लिए सरकार कोई मास्टरस्ट्रोक खेलेगी।

1. ब्याज छूट की सीमा: 2 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की मांग

वर्तमान में, इनकम टैक्स की धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर अधिकतम 2 लाख रुपये की छूट मिलती है। यह सीमा साल 2014-15 से नहीं बदली गई है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट्स और CREDAI जैसे संगठनों का कहना है कि पिछले 10 वर्षों में घरों की कीमतें दोगुनी हो गई हैं, इसलिए इस सीमा को बढ़ाकर कम से कम 4 लाख रुपये से 5 लाख रुपये किया जाना चाहिए।

2. EMI घटेगी या बढ़ेगी?

बजट सीधे तौर पर बैंक की ब्याज दरें तय नहीं करता (यह काम RBI का है), लेकिन बजट की पॉलिसी आपकी प्रभावी EMI जरूर तय करती हैं।

  • सस्ता घर: अगर सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा (अभी 45 लाख रुपये) को बदलकर 65-75 लाख रुपये तक ले जाती है, तो ज्यादा लोग सब्सिडी और सस्ते लोन के दायरे में आ पाएंगे।
  • टैक्स सेविंग: यदि टैक्स डिडक्शन की सीमा बढ़ती है, तो आपकी टैक्स बचत बढ़ेगी, जिससे आपकी जेब पर EMI का शुद्ध बोझ कम हो जाएगा।

3. सेक्शन 80C और प्रिंसिपल रीपेमेंट

होम लोन के मूलधन पर सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये की छूट मिलती है। समस्या यह है कि इसी 1.5 लाख रुपये में PPF, LIC और बच्चों की फीस भी शामिल होती है। मांग यह है कि होम लोन के मूलधन के लिए एक अलग सेक्शन बनाया जाए, ताकि घर खरीदने वालों को ठोस राहत मिल सके।

4. नई टैक्स व्यवस्था पर सस्पेंस

फिलहाल नई टैक्स व्यवस्था में होम लोन के ब्याज पर कोई छूट नहीं मिलती। मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि सरकार न्यू टैक्स रिजीम में भी होम लोन और इंश्योरेंस पर डिडक्शन का लाभ देना शुरू करे।

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