₹50 लाख से अधिक आय वाले करदाताओं के लिए यह संकेत है कि विभाग की निगरानी अब पूरी तरह डेटा-आधारित और तकनीकी हो चुकी है। छोटी सी गलती भी आगे चलकर बड़ी जांच या दंड का कारण बन सकती है।
आयकर विभाग ने बुधवार को 10 फरवरी तक के नेट Direct Tax कलेक्शन के आंकड़े जारी किए। यह एक ऐसा टैक्स है जिसे करदाता सीधे सरकार को चुकाता है।
नया आयकर अधिनियम 2025 सरल भाषा, कम धाराओं और डिजिटल फॉर्म्स के साथ आएगा। ये बदलाव मुख्य रूप से अनुपालन आसान बनाने, विवाद कम करने और करदाताओं के प्रति विश्वास बढ़ाने पर केंद्रित हैं।
इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 93 के मौजूदा प्रावधानों के तहत, निवेशकों को ब्याज पर खर्च की गई रकम को डिडक्शन के तौर पर क्लेम करने की अनुमति है, लेकिन ये सिर्फ कुल डिविडेंड या म्यूचुअल फंड इनकम के 20% तक ही हो सकता है।
आयकर विभाग की तरफ से जारी किए जाने वाले पैन कार्ड के लिए व्यक्ति, नाबालिग, छात्र और अनिवासी भारतीय भी ऑनलाइन पैन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अप्लाई करने के 15 कार्यदिवस के भीतर यह बनकर आपके पते पर आ जाता है।
टैक्स रिफंड का इंतजार कर रहे लाखों करदाताओं के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आयकर विभाग की गहन जांच में खुलासा हुआ है कि एक लाख से ज्यादा लोगों ने टैक्स बचाने और बड़ा रिफंड पाने के लिए फर्जी दावे किए, जिसके चलते एक लाख रुपये से ज्यादा के रिफंड फिलहाल रोक दिए गए हैं।
सरकार की यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें PAN कार्ड की तुरंत जरूरत होती है। जिस व्यक्ति के पास वैलिड आधार नंबर है और उसका मोबाइल नंबर उसमें रजिस्टर्ड है, वह महज चंद मिनट में इंस्टैंट e-PAN Card हासिल कर सकता है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस अवधि में सिक्यॉरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स से कलेक्शन साल भर पहले की समान अवधि के मुकाबले 44,867 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रहा।
जानकारों का कहना है कि इसका मुख्य कारण टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा कड़ी जांच है। जानकारों का यह भी कहना है कि रिफंड में देरी सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेजज (सीबीडीटी) द्वारा शुरू की गई NUDGE पहल के दूसरे फेज के कारण हो रही है।
लखनऊ के लुलु मॉल पर 27 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया था, जिसे समय पर नहीं चुकाया गया।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लाखों टैक्सपेयर्स की चिंता बढ़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को लोगों के ईमेल, व्हाट्सएप चैट, इंस्टाग्राम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच का अधिकार मिल जाएगा। इन दावे की क्या है सच्चाई?
डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई टैक्सपेयर कानून के अनुरूप सही कटौती या छूट का दावा कर रहा है तो उसे कोई और कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।
आंकड़ों के विश्लेषण से मालूम चला कि कई टैक्सपेयर्स ने या तो संदिग्ध संस्थाओं को दान दिया था या प्राप्तकर्ता संगठनों की असलियत साबित करने के लिए जरूरी जानकारी नहीं दी थी।
एसएमएस और ईमेल में टैक्सपेयर्स से 31 दिसंबर 2025 से पहले ITR को रिव्यू और रिवाइज करने की सलाह दी जा रही है, ताकि सजा से बचा जा सके।
बुधवार को बीएसई पर वारी एनर्जी के शेयर 108.05 रुपये (3.29%) की गिरावट के साथ 3175.10 रुपये के भाव पर बंद हुए।
इमकम टैक्स एक्ट, 2025 संसद द्वारा 12 अगस्त को पारित किया गया था। इनकम टैक्स एक्ट के तहत लागू सभी फॉर्म जैसे- टीडीएस त्रैमासिक रिटर्न फॉर्म और आईटीआर फॉर्म पर दोबारा काम किया जा रहा है।
दिल्ली के एक शख्स को वॉट्सऐप चैट के आधार पर 22 करोड़ रुपये का नोटिस मिला था। हालांकि, ITAT दिल्ली ने कहा कि यह सबूत अविश्वसनीय और बिना पुष्टि के हैं। कोर्ट ने नोटिस को रद्द करते हुए पूरा मामला खारिज कर दिया और कर विभाग की कार्रवाई को अवैध ठहराया।
अगर आप भी अपने इनकम टैक्स रिफंड के लिए इंतजार कर रहे हैं तो यहां हम आपको रिफंड स्टेटस को ट्रैक करने का सबसे आसान तरीका बताने जा रहें हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस तिथि को आगे बढ़ाते हुए आईटीआर फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। इससे ऐसे लोग जो 15 सितंबर को चूक गए थे, उन्हें एक मौका मिल गया है।
टैक्सपेयर्स की शिकायतों पर जवाब देते हुए डिपार्टमेंट ने कहा है कि पोर्टल ठीक काम कर रहा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपने जवाब में कहा, ''कृपया अपना ब्राउजर क्लियर करें या किसी दूसरे ब्राउजर से ई-फाइलिंग पोर्टल पर पहुंचने की कोशिश करें।''
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