Saturday, February 07, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. टैक्स
  4. 15 लाख से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने फाइल की अपडेटेड ITR, 31 दिसंबर है आखिरी तारीख

15 लाख से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने फाइल की अपडेटेड ITR, 31 दिसंबर है आखिरी तारीख

डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई टैक्सपेयर कानून के अनुरूप सही कटौती या छूट का दावा कर रहा है तो उसे कोई और कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।

Edited By: Sunil Chaurasia
Published : Dec 23, 2025 11:13 pm IST, Updated : Dec 23, 2025 11:13 pm IST
income tax, income tax department, income tax return, itr, updated itr, updated itr filing, updated - India TV Paisa
Photo:FREEPIK 31 दिसंबर है अपडेटेड ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मंगलवार को कहा कि चालू आकलन वर्ष 2025-26 के लिए अभी तक 15 लाख से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल किए हैं। डिपार्टमेंट ने हाल ही में एक अभियान ‘NUDGE’ शुरू किया था, जिसके तहत उन टैक्सपेयर्स को ईमेल और एसएमएस के माध्यम से सलाह दी जा रही है, जिन्होंने गैर मान्यता-प्राप्त राजनीतिक दलों या कुछ धर्मार्थ संस्थाओं से जुड़ी गलत कटौती का दावा किया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बयान में कहा कि चालू वित्त वर्ष में 21 लाख से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने अपने आईटीआर में सुधार करते हुए कुल 2500 करोड़ रुपये के टैक्स का भुगतान किया है। 

31 दिसंबर है अपडेटेड ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख

डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स से अपील की है कि वे अपने आईटीआर की जांच करें, कटौती और छूट के दावों को फिर से चेक करें और जरूरी होने पर 31 दिसंबर, 2025 तक अपडेटेड रिटर्न दाखिल करें, ताकि आगे की जांच से बचा जा सके। हालांकि, डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई टैक्सपेयर कानून के अनुरूप सही कटौती या छूट का दावा कर रहा है तो उसे कोई और कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है। टैक्सपेयर्स को आकलन वर्ष 2025-26 के लिए रिटर्न में बदलाव करने के लिए 31 दिसंबर के बाद एक अपडेटेड आईटीआर दाखिल करना होगा। 

जांच में सामने आया था बड़ा फर्जीवाड़ा

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने दिसंबर की शुरुआत में कहा था कि डेटा विश्लेषण से पता चला है कि कई टैक्सपेयर्स ने गैर मान्यता-प्राप्त राजनीतिक दलों और कुछ धर्मार्थ संस्थाओं को चंदा दिखाकर कटौती और रिफंड का फर्जी दावा किया है। बोर्ड के मुताबिक, इनमें से कई गैर मान्यता-प्राप्त राजनीतिक दल रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं और अपने रजिस्ट्रेशन एड्रेस पर एक्टिव नहीं हैं। वे राजनीतिक गतिविधियों में शामिल भी नहीं हैं। सीबीडीटी ने कहा कि ये संस्थाएं अकसर पैसा इधर-उधर करने, हवाला लेनदेन, विदेश से पैसा भेजने और नकली रसीद जारी करने के लिए इस्तेमाल हो रही थीं। 

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Tax से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement