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लंबे समय तक निचले स्तर पर बना रहेगा रेपो रेट, FD की ब्याज दरों में आएगी गिरावट: RBI गवर्नर

Edited By: Sunil Chaurasia Published : Feb 06, 2026 02:56 pm IST, Updated : Feb 06, 2026 02:56 pm IST

केंद्रीय बैंक पिछले साल फरवरी से अब तक रेपो रेट में 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। गवर्नर ने कहा कि जमा पक्ष पर नीति दरों में बदलाव का प्रभाव धीमा रहा है और सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दरों में आगे कमी आएगी।

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Photo:PTI आरबीआई ने पिछले साल रेपो रेट में की थी 1.25 प्रतिशत की कटौती

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि प्रमुख नीतिगत ब्याज दरें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहेंगी और आगे इनमें और कमी भी हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखते हुए अपने रुख को 'तटस्थ' बनाए रखा। मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संजय मल्होत्रा ने कहा, ''नीतिगत दरें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहेंगी तथा इनमें आगे और गिरावट भी आ सकती है।'' हालांकि, उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि ब्याज दरों पर अंतिम फैसला मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा लिया जाएगा।

आरबीआई ने पिछले साल रेपो रेट में की थी 1.25 प्रतिशत की कटौती

केंद्रीय बैंक पिछले साल फरवरी से अब तक रेपो रेट में 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। गवर्नर ने कहा कि जमा पक्ष पर नीति दरों में बदलाव का प्रभाव धीमा रहा है और सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दरों में आगे कमी आएगी। भारत के हाल में किए गए व्यापार समझौतों के प्रभाव पर किए सवाल के जवाब में गवर्नर ने कहा कि ये समझौते अन्य कारकों के साथ मिलकर देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि में करीब 0.20 प्रतिशत का योगदान दे सकते हैं। आरबीआई ने अगले वित्त वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित किया है। संवाददाता सम्मेलन में डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर ने कहा कि आरबीआई सरकार के उधारी कार्यक्रम का प्रबंधन आराम से कर सकेगा। 

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹11.73 लाख करोड़ निर्धारित की गई सरकार की शुद्ध उधारी

उन्होंने बताया कि आगामी वित्त वर्ष के दौरान सरकार की सकल उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध उधारी 11.73 लाख करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। मल्होत्रा ने कहा कि ट्रेजरी बिल (सरकारी प्रतिभूति) प्रतिफल दर को संभालने में मदद करेंगे और सरकार 11.73 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध उधारी उचित दर पर जुटा सकेगी। बजट में डेटा सेंटर से जुड़े ऐलान पर गवर्नर ने कहा कि इससे बड़ी मात्रा में विदेशी निवेश आएगा। एक सवाल के जवाब में मल्होत्रा ने कहा कि पिछले एक साल में चलन में मौजूद मुद्रा में काफी वृद्धि हुई है।

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