देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPV) ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए। टाटा मोटर्स ने बताया कि इस दौरान कंपनी ने 3483 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया है। टाटा मोटर्स की लग्जरी ऑटो यूनिट जगुआर लैंड रोवर (JLR) में हुई साइबर घटना से इसके नतीजे गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। बताते चलें कि टाटा मोटर्स ने पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 5485 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया था। टाटा ग्रुप की कंपनी TMPV ने गुरुवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी एकीकृत परिचालन आय भी घटकर 70,108 करोड़ रुपये रह गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 94,472 करोड़ रुपये थी।
कंपनी को उठाना पड़ा 1600 करोड़ रुपये का असाधारण खर्च
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का कुल खर्च 74,880 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 89,698 करोड़ रुपये था। कंपनी के मुताबिक, बीती तिमाही में उसे कुल 1600 करोड़ रुपये का असाधारण खर्च उठाना पड़ा। इसमें जेएलआर में हुई साइबर घटना से जुड़े 800 करोड़ रुपये, नए श्रम कानून लागू होने की वजह से 400 करोड़ रुपये और स्टाम्प शुल्क के 400 करोड़ रुपये शामिल हैं। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने कहा कि ब्रिटिश यूनिट जेएलआर में हुई साइबर घटना का असर पूरी तिमाही के दौरान बना रहा। हालांकि, घरेलू बाजार में इसका प्रदर्शन तिमाही आधार पर बेहतर रहा। घरेलू कारोबार को ज्यादा बिक्री मात्रा और प्रोत्साहनों से भी समर्थन मिला।
गुरुवार को मामूली गिरावट के साथ बंद हुए कंपनी के शेयर
गुरुवार को कंपनी के शेयरों में मामूली गिरावट देखने को मिली। बीएसई पर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर 0.33 प्रतिशत (1.25 रुपये) के नुकसान के साथ 374.15 रुपये के भाव पर बंद हुए। कल, कंपनी के शेयर 364.25 रुपये के इंट्राडे लो से लेकर 375.40 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंचे थे। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयरों में लंबे समय से गिरावट देखने को मिल रही है। डीमर्जर के बाद से कंपनी के शेयर 335.30 रुपये के 52 वीक लो तक पहुंच चुके हैं, जबकि इसका 52 वीक हाई 459.67 रुपये है। बीएसई के डेटा के मुताबिक, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का मौजूदा मार्केट कैप 1,37,774.43 करोड़ रुपये है।



































