अगर आपने कार लोन पूरी तरह चुका दिया है और फिर भी आपकी गाड़ी की RC (Registration Certificate) में बैंक या फाइनेंसर का नाम दर्ज है, तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार ने वाहन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए हाइपोथेकशन टर्मिनेशन यानी लोन की एंट्री हटाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। अब आप यह काम घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप से कर सकते हैं, वो भी बिना RTO के चक्कर लगाए।
दरअसल, जब कोई व्यक्ति कार लोन पर खरीदता है, तो आरसी में हाइपोथेकशन क्लॉज जुड़ा होता है। यह दर्शाता है कि वाहन बैंक या फाइनेंसर के पास गिरवी है। लेकिन लोन चुकाने के बाद भी अगर यह एंट्री नहीं हटाई गई, तो सरकारी रिकॉर्ड में गाड़ी पर बैंक का अधिकार बना रहता है। ऐसे में गाड़ी बेचने, ट्रांसफर करने या री-रजिस्ट्रेशन के वक्त दिक्कत आ सकती है।
अब ऑनलाइन हटेगी हाइपोथेकशन एंट्री
परिवहन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट VAHAN (vahan.parivahan.gov.in) के जरिए अब हाइपोथेकशन हटाने की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध है। कई राज्यों में पूरी प्रक्रिया डिजिटल है, जबकि कुछ राज्यों में फॉर्म 35 ऑनलाइन भरने के बाद उसकी हार्ड कॉपी RTO और लोन देने वाले संस्थान में जमा करनी पड़ सकती है।
किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
ऑनलाइन हाइपोथेकशन हटाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे:
- बैंक या फाइनेंसर से मिला No Objection Certificate (NOC)
- RTO फॉर्म 35
- वैध इंश्योरेंस सर्टिफिकेट
- वाहन की ओरिजिनल RC
स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
- VAHAN वेबसाइट पर लॉगइन करें
- “Online Services” में जाकर “Vehicle Related Services” चुनें
- रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर डालकर OTP जनरेट करें
- OTP डालने के बाद “Hypothecation Termination” सिलेक्ट करें
- इंश्योरेंस डिटेल भरें और जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें
- निर्धारित फीस ऑनलाइन जमा करें
क्यों जरूरी है हाइपोथेकशन हटाना?
अगर आप कार बेचने, मालिकाना हक ट्रांसफर करने या सिर्फ अपनी RC को क्लीन रखना चाहते हैं, तो हाइपोथेकशन हटाना बेहद जरूरी है। इससे यह साफ हो जाता है कि गाड़ी पर किसी बैंक या फाइनेंसर का कोई दावा नहीं है।



































