घरेलू शेयर मार्केट में बुधवार को आईटी सेक्टर में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। एंथ्रॉपिक के नए AI अपडेट से निवेशकों में हड़कंप मच गया है और कंपनियों के स्टॉक्स 6 प्रतिशत तक लुढ़क गए हैं। 4 फरवरी 2026 की सुबह भारतीय शेयर बाजार में आईटी कंपनियों- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक और अन्य प्रमुख आईटी स्टॉक्स में तेज गिरावट देखी गई। इसका असर यह हुआ कि निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 6% टूटकर तीन महीने के निचले स्तर के करीब पहुंच गया।
निवेशकों में एआई के बढ़ते प्रभाव को लेकर गहरी चिंता
खबर के मुताबिक, यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिकी AI कंपनी एंथ्रॉपिक के हालिया अपडेट से जुड़ी है, जिसने निवेशकों में एआई के बढ़ते प्रभाव को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। एंथ्रॉपिक ने अपने Claude Cowork AI एजेंट के लिए नए प्लग-इन्स लॉन्च किए हैं (30 जनवरी 2026 को), जो अब कानून, बिक्री, मार्केटिंग, फाइनेंस, डेटा एनालिसिस और कस्टमर सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में स्वचालित रूप से काम कर सकते हैं।
ये प्लग-इन्स Claude को Salesforce, ServiceNow या अन्य एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म्स की तरह कार्य करने की क्षमता देते हैं, जिससे आईटी सर्विस कंपनियों की पारंपरिक आउटसोर्सिंग और सॉफ्टवेयर सर्विसेज की मांग घटने का डर बढ़ गया है। livemint की खबर के मुताबिक, एंथ्रॉपिक ने 11 ओपन-सोर्स प्लग-इन्स जारी किए हैं, जिनमें लीगल, सेल्स, फाइनेंस और प्रोडक्टिविटी जैसे फंक्शन्स शामिल हैं, और ये कस्टमाइजेशन आसान बनाने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
प्रमुख आईटी शेयरों की गिरावट (इंट्रा-डे)
इंफोसिस: 6% गिरावट, तीन महीने के निचले स्तर पर
TCS: 6% तक की गिरावट
विप्रो: 6.7% की गिरावट
एचसीएल टेक: -6.44% की गिरावट
अन्य जैसे Persistent Systems, LTIMindtree और Coforge में भी 6-7% तक की भारी बिकवाली
करीब ₹1.5 लाख करोड़ की मार्केट वैल्यू हुई कम
इन स्टॉक्स में आई गिरावट से निफ्टी आईटी इंडेक्स में भारी दबाव पड़ा, और शुरुआती कारोबार में ही सेक्टर से करीब ₹1.5 लाख करोड़ की मार्केट वैल्यू कम हो गई। वैश्विक स्तर पर भी AI डर का असर यह बिकवाली सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। अमेरिकी बाजार में मंगलवार को टेक और सॉफ्टवेयर स्टॉक्स में भारी गिरावट आई:
Gartner: 21% की बड़ी गिरावट
Oracle: 3.4% की गिरावट
Nvidia, Meta, Microsoft: 2% से अधिक की गिरावट
सॉफ्टवेयर-एज़-ए-सर्विस के लिए तबाही!
विश्लेषकों ने इसे "SaaSpocalypse" (सॉफ्टवेयर-एज़-ए-सर्विस के लिए तबाही) का नाम दिया है। भारतीय आईटी कंपनियां, जो मुख्य रूप से अमेरिकी क्लाइंट्स को सॉफ्टवेयर सर्विसेज प्रदान करती हैं, को "एंटी-एआई ट्रेड" के रूप में देखा जा रहा है। इसी वजह से इंफोसिस और विप्रो के अमेरिकी ADR में भी रातों-रात गिरावट आई। एंथ्रॉपिक का यह अपडेट Claude Cowork को और अधिक शक्तिशाली बना रहा है, जो अब एंटरप्राइज वर्कफ्लो को ऑटोमेट कर सकता है। हालांकि Cowork अभी रिसर्च प्रीव्यू में है, लेकिन निवेशक AI एजेंट्स के तेजी से बढ़ते प्रभाव से घबराए हुए हैं, जो पारंपरिक आईटी सर्विसेज और SaaS मॉडल को चुनौती दे सकते हैं। यह गिरावट AI के डिसरप्टिव पोटेंशियल को दर्शाती है, जहां तेज इनोवेशन से मौजूदा बिजनेस मॉडल्स पर सवाल उठ रहे हैं।



































