रविवार को बीएसई सेंसेक्स 1546.84 अंकों (1.88 प्रतिशत) की भारी गिरावट के साथ 80,722.94 अंकों पर बंद हुआ।
आज के शुरुआती कारोबार में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग फ्लैट ट्रेड कर रहे हैं। सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो आईटी इंडेक्स 1% गिरा है।
शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी पर टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स, एशियन पेंट्स प्रमुख लाभ वाले शेयरों में शामिल दिखे, जबकि मैक्स हेल्थकेयर, बजाज फाइनेंस, ओएनजीसी, श्रीराम फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक नुकसान में हैं।
आज के शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स की शुरुआत भी धीमी रही। निफ्टी रियल्टी और पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ बढ़त पर काबू पा सके।
बैंकिंग, IT और ऑटो सेक्टर के शेयरों में खास कमजोरी देखने को मिली। आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, टाटा कंज्यूमर और टाइटन कंपनी जैसे हैवीवेट स्टॉक्स की कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाया।
अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया 25% टैरिफ और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली से बाजार को झटका लगा है। बीते सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने ₹5,588.91 करोड़ की इक्विटी बिक्री की, जिससे घरेलू बाजार पर भारी दबाव बना।
बीएसई सेंसेक्स 1390.41 अंक टूटकर 76,024.51 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी 353.65 अंक लुढ़ककर 23,165.70 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार में लगातार गिरावट से निवेशकों का भारी नुकसान लगातार जारी है। निवेशकों के पोर्टफोलियो रसातल की तरफ बढ़ चले हैं।
मंगलवार को शेयर बाजार में हुए अमंगल से निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपये डूब गए। लंबे समय से बाजार में जारी गिरावट के रुझान के चलते निवेशकों ने बड़ी राशि खो दी है।
कियोसाकी का मनना है कि शेयर बाजार क्रैश होने से सब कुछ बिक्री पर चला जाता है," उन्होंने बाजार में गिरावट के दौरान कारों और घरों जैसी प्रॉपर्टी की कीमत कम होने होने की ओर इशारा किया है।
सेंसेक्स 824.29 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 75,366.17 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी 263.05 अंक टूटकर 22,829.15 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल 30 में से सिर्फ 5 शेयर हरे निशान में बंद हुए।
बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 1,048.90 अंक टूटकर 76,330.01 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 345.55 अंक गिरकर 23,085.95 अंक पर बंद हुआ।
27 सितंबर को सेंसेक्स 85,978.25 अंकों पर बंद हुआ था तो वहीं दूसरी ओर निफ्टी 50 भी 26,277.35 अंकों के अपने ऑल टाइम हाई पर बंद हुआ था। उसके बाद से बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। शेयर बाजार में जारी इस तबाही की वजह से निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब चुके हैं।
इंडसइंड बैंक ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में बैंक का प्रदर्शन काफी खराब रहा और उनके नेट प्रॉफिट में 39 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार गिरावट देखने को मिल रही है। दोपहर 1 बजकर 29 मिनट पर सेंसेक्स 1279.29 अंक लुढ़ककर 84314.25 के लेवल पर कारोबार कर रहा था, वहीं, निफ्टी 50 भी 372 अंक लुढ़कर 25806.95 के लेवल पर कारोबार कर रहा था।
एफएमसीजी और रियल्टी को छोड़कर, दूसरे सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। एनटीपीसी, ओएनजीसी, पावर ग्रिड कॉर्प, अदानी पोर्ट्स और टाटा स्टील में गिरावट रही।
आज सेंसेक्स में लिस्ट कंपनियों में भारतीय स्टेट बैंक के निवेशकों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ क्योंकि बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा 4.40 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, आईसीआईसीआई बैंक के शेयर 2.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
बीएसई सेंसेक्स 1017.23 अंकों की गिरावट के साथ 81,183.93 अंकों पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 50 भी 292.95 अंकों के नुकसान के साथ 24,852.15 अंकों पर बंद हुआ। आज लगातार तीसरा दिन था, जब बाजार में गिरावट दर्ज की गई है।
अमेरिका द्वारा जारी किए गए आर्थिक आंकड़ों के बाद मंदी का जोखिम बढ़ने की संभावना गहरा गई है। जिसकी वजह से निवेशक शेयर बेचकर पैसा निकाल रहे हैं।
सोमवार को दोपहर 2.28 बजे तक Nikkei 225 इंडेक्स 4,186.97 अंकों (11.66%) की भारी-भरकम गिरावट के साथ 31,722.73 अंकों पर कारोबार कर रहा था। पिछले हफ्ते शुक्रवार को भी Nikkei 225 में 5.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़