1 फरवरी को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में बजट पेश किया। बता दें, यह उनका 9वां बजट था वहीं मोदी सरकार का यह 15वां बजट था। केंद्रीय बजट 2025-26 में पर्यटन पर विशेष ध्यान दिया गया है. खासकर, भारत के पूर्वात्तर राज्यों के विकास पर सरकार ने कई फैसले लिए हैं। सरकार ने बौद्ध सर्किट के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस योजना के तहत नॉर्थ ईस्ट के क्षेत्रों में बौद्ध स्थलों को विकसित किया जा रहा है, जिसमें बौद्ध मठों को बढ़ाना और बचाना दोनों ही शामिल हैं।
वित्त मंत्री ने क्या कहा?
इस बजट घोषणा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की संस्कृति-धार्मिक विरासत को मजबूत करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूर्वादय राज्यों के विकास पर ध्यान दिया जाएगा। भारत के 6 पूर्वादय राज्यों में 5 पर्यटन स्थल का निर्माण किया जाएगा और मठों का संरक्षण किया जाएगा। नॉर्थ ईस्ट राज्यों के लिए बौद्ध सर्किट विकसित करने की घोषणा की गई है। यह सर्किट अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा जैसे राज्यों को जोड़ते हुए पर्यटन को बढ़ावा देगा।
नॉर्थ ईस्ट को बजट में क्या-क्या मिला?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में बजट पेश करते हुए बताया कि नॉर्थ ईस्ट में कुल 4 हजार इलेक्ट्रिक बसें चालू की जाएंगी। इससे वहां के लोगों को ट्रैवलिंग में बहुत आसानी होगी। इतना ही नहीं, नॉर्थ ईस्ट में नेशनल डिजाइन इंस्टीट्यूट चालू किया जाएगा। इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट के 6 राज्यों में बौद्ध सर्किट भी सरकार बनाए।
टूरिज़्म सेक्टर में अन्य बड़े ऐलान
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पूरे देश में पर्यटन को बूस्ट करने के लिए टूरिस्ट गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम की योजना घोषित की गई जिसमें 10,000 गाइडों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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पर्यटन के डिजीटल प्रमोशन, इको-टूरिज्म ट्रेल्स और हेरिटेज साइट्स के विकास पर भी फोकस रखा गया है।
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बजट में मेडिकल टूरिज्म हब, विदेशी यात्रा पर टैक्स में रियायत जैसे प्रावधान भी शामिल हैं, जिससे पर्यटन और ट्रैवल सेक्टर को और समर्थन मिलेगा।