Magh Purnima Chandroday Time: माघ पूर्णिमा का पवित्र स्नान 1 फरवरी 2026 को किया जा रहा है। माघ पूर्णिमा के दिन गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियों के घाट पर बड़ी संख्या में भक्त डुबकी लगाते हैं। इस दिन पवित्र स्नान के साथ ही दान, पितृ तर्पण आदि का भी बड़ा महत्व है। इसके साथ ही माघ पूर्णिमा के शुभ अवसर पर चंद्रमा की भी पूजा की जाती है। चंद्रमा की पूजा करने से आपको मानसिक शांति और पारिवारिक सुख मिलता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं माघ पूर्णिमा के दिन चंद्रमा कब उदय होगा और इस दिन किस विधि से आपको चंद्रमा की पूजा करनी चाहिए।
माघ पूर्णिमा पर चंद्रोदय का समय (Moon Rise Time On Magh Purnima)
माघ पूर्णिमा यानि 1 फरवरी के दिन चंद्रोदय शाम 5 बजकर 26 मिनट पर होगा और अगले दिन यानि 2 फरवरी तक चंद्रमा उदित रहेगा। माघ पूर्णिमा की शाम में चंद्रमा को अर्घ्य भक्त दे सकते हैं और चंद्र पूजन कर सकते हैं।
चंद्रमा की पूजन विधि
चंद्रमा को अर्घ्य देने और चंद्रमा की पूजा करने से पहले आपको एक लोटा जल का, कच्चा दूध, अक्षत, सफेद फूल और चंदन अपने पास रखना चाहिए। संभव हो तो चंद्रमा का पूजन करने से पहले स्नान कर लें। इसके बाद शाम के समय सफेद वस्त्र धारण करके चंद्रमा की ओर मुख करते हुए चांदी या तांबे के लोटे में जल, कच्चा दूध, अक्षत और सफेद फूल मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते वक्त चंद्रमा के मंत्र 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः' और 'ॐ सों सोमाय नमः' का जप करें। इसके बाद चंद्र ग्रह की आरती 'ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा ' का पाठ भी आपको करना चाहिए। चंद्रमा की आरती का पाठ आप पूजा स्थल पर बैठकर भी कर सकते हैं। पूजा के बाद चंद्र देव से सुख-समृद्धि की कामना करें और इसके बाद प्रसाद के रूप में सफेद मिठाई, मिश्री, खीर आदि आप घर के लोगों में वितरित कर सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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