नौकरी बदलने का फैसला अक्सर बेहतर वेतन, पदोन्नति या काम के माहौल की उम्मीद में लिया जाता है, लेकिन कभी-कभी यह फैसला उल्टा पड़ जाता है। एक युवा प्रोफेशनल की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने 30 प्रतिशत हाइक के चक्कर में पुरानी नौकरी छोड़कर नई कंपनी जॉइन की, लेकिन महज तीन महीने बाद रीस्ट्रक्चर का शिकार हो गए। अपनी निराशा और दर्द को उन्होंने रेडिट पर खुलकर शेयर किया, जिसने हजारों लोगों की सहानुभूति और सलाह बटोर ली।
रेडिट पर बयां किया दर्द
इस पोस्ट को रेडिट पर r/IndianWorkplace नामक पेज पर @Dharmocracy0593 हैंडल से शेयर किया गया है। पोस्ट में कर्मचारी ने बताया कि नई नौकरी के लिए स्थानांतरित होने के महज तीन महीने बाद ही उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। पोस्ट में लिखा था, 'स्थानांतरित होने के तीन महीने बाद ही मुझे नौकरी से निकाल दिया गया! नमस्कार दोस्तों, मैं बी2बी SaaS और AI में आठ साल से अधिक के अनुभव वाला कंटेंट और प्रोडक्ट मार्केटिंग मैनेजर हूं। कुछ महीने पहले, मैंने वेग्राउंड (पूर्व नाम क्विज़िज़) में 30% वेतन वृद्धि के साथ एक प्रस्ताव स्वीकार किया था।' यूजर ने बताया कि इस पद के लिए स्थान परिवर्तन आवश्यक था क्योंकि यह कार्यालय में पांच दिन की नियुक्ति थी। पोस्ट के अनुसार, कंपनी ने स्थानांतरण खर्चों की प्रतिपूर्ति की, जिसमें हवाई यात्रा, सामान ढोने और पैकिंग करने वालों का खर्च और ब्रोकरेज लागत शामिल थी।

इंटरव्यू में पता चली कई चीजें
साक्षात्कार प्रक्रिया के दौरान, कर्मचारी को यह समझ में आया कि कंपनी अपना ध्यान बी2सी (B2C) मॉडल से हटाकर एक मजबूत बी2बी मॉडल पर केंद्रित कर रही है। उन्होंने बताया कि नए उद्योग में प्रवेश करने के बावजूद वे जल्दी ही अपनी भूमिका में ढल गए और आगामी कई कंटेंट पहलों को आकार देने में शामिल रहे। हालांकि, कंपनी द्वारा बड़े रीस्ट्रक्चर की घोषणा के बाद हालात बदल गए। रेडिट यूजर समेत लगभग 15% कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। पोस्ट में लिखा था, 'मुझे अंदरूनी सूत्रों से जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार यह कंपनी के इतिहास में सबसे बड़ी छंटनी थी। पूरी टीमें प्रभावित हुईं। वरिष्ठ इंजीनियर, शीर्ष संस्थानों से स्नातक हुए नए छात्र, अनुभवी पेशेवर और कई प्रतिभाशाली लोगों ने अपनी नौकरी खो दी।'
करियर को लेकर हुई चिंता
अब मार्केट में वापसी करने के बाद, कर्मचारी ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि भर्तीकर्ता उनकी प्रोफाइल को कैसे समझेंगे, खासकर इसलिए कि उन्होंने आठ वर्षों में छह कंपनियों में काम किया है, जहां उनका औसत कार्यकाल एक से डेढ़ वर्ष रहा है। उन्होंने पूछा कि क्या पिछले तीन महीनों का कार्यकाल उनके लिए एक चेतावनी माना जाएगा और उन्होंने इस बारे में सलाह मांगी कि वे अपने करियर की कहानी को ईमानदारी से कैसे प्रस्तुत करें ताकि वे रक्षात्मक न लगें।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट ने एक बहस छेड़ दी, जिसमें कई यूजर्स ने कर्मचारी को आश्वस्त किया कि छंटनी से उनके करियर की संभावनाओं को नुकसान पहुंचने की संभावना नहीं है। एक यूजर ने लिखा कि, 'कोई समस्या नहीं। कुछ समय पहले मैं भी ऐसी ही स्थिति में था। मैंने हर इंटरव्यू लेने वाले को खुलकर बताया कि कंपनी में बड़े पैमाने पर पुनर्गठन के कारण मुझे नौकरी से निकाल दिया गया था। मुझे न केवल नौकरी मिल गई, बल्कि बाद में हर इंटरव्यू लेने वाले ने मेरी खुलेपन और विनम्रता की प्रशंसा भी की। मेरा इरादा ऐसा बिल्कुल नहीं था।'
दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'छह महीने बाद ही मुझे नौकरी से निकाल दिया गया, ठीक मेरी प्रोबेशन अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद, क्योंकि उन्होंने मेरी पूरी टीम के साथ मेरा प्रोजेक्ट भी बंद कर दिया था। अगर आपके पास नौकरी छोड़ने का कोई वास्तविक कारण है, जैसे कि पारिवारिक, स्वास्थ्य संबंधी या शादी से संबंधित कारण, तो आपको कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।'
तीसरे ने लिखा कि, 'हम कल्पना में वास्तविकता से कहीं अधिक कष्ट भोगते हैं।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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