अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले के खुलासे के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे ट्रस्ट ने स्वीकार कर लिया है।
इस्तीफा देने के बाद चंपत राय की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने राम भक्तों के नाम एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि मेरे ऊपर अनेकों अनुचित आरोप लगाए गए हैं। मैंने मौन धारण कर
लिया है, लेकिन जल्द ही सच सबके सामने आ जाएगा। उन्होंने अपने पत्र में आगे लिखा, 'मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद फैलाए जा रहे सभी बिंदुओं पर क्रमवार
अपना जवाब दूंगा और पूरा सच सामने आ जाएगा।'
चिट्ठी में चंपत राय ने लिखा है:
पिछले 6 जून 2026 से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर के दानपात्र की गणना के समय की गयी चोरी के सम्बन्ध में अनेक प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं, व्यक्तिगत तौर पर मेरे ऊपर अनेकों ने अनुचित आरोप
लगाए हैं। मैंने मौन धारण कर लिया है। मंदिर ट्रस्ट की धांधली को समझने हेतु SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है। यद्यपि यह परम गोपनीय थी, अब सभी को आश्वस्त करना है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट के बाद फैलाये जा रहे सभी बिन्दुओं पर अपना उत्तर क्रमानुसार दूंगा, सभी सत्य सामने आ जायेगा। मैं वर्ष अक्टूबर 1991 से अयोध्या में भेजा गया संगठन द्वारा, मेरा प्रचारक जीवन 45 वर्ष से, जहाँ-जहाँ मैं रहा खुली पुस्तक के समान है। सभी को आदर पूर्वक नमन।
चंपत राय ने दिया था इस्तीफा
राम मंदिर चंदा चोरी मामले के खुलासे के बाद ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव रहे चंपत राय ने कहा था कि जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते तब तक पद पर रहना सही नहीं है। जो हुआ वह कष्टदायी है। इससे हम सब दुखी हैं। चढ़ावा चोरी लज्जाजनक घटना है। इस बयान के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। सोमवार को ट्रस्ट की हुई बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। उनके साथ ही अनिल मिश्रा का भी इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।
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