1. Hindi News
  2. वायरल न्‍यूज
  3. 'मैनेजर को इंप्रेस करने के लिए देर तक नहीं रुकते..' महिला ने बताई GenZ बहन के ऑफिस की सच्चाई

'मैनेजर को इंप्रेस करने के लिए देर तक नहीं रुकते..' महिला ने बताई GenZ बहन के ऑफिस की सच्चाई

 Written By: Shaswat Gupta
 Published : Jun 27, 2026 02:19 pm IST,  Updated : Jun 27, 2026 02:19 pm IST

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट काफी चर्चा में है। इस पोस्ट में एक महिला ने अपने GenZ बहन के ऑफिस की सच्चाई बताई है जिस पर यूजर्स प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

Corporate Workplace Reality, GenZ Workplace Post Viral, GenZ, Corporate - India TV Hindi
ऑफिस से संदर्भित पोस्ट वायरल। Image Source : PEXELS

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में GenZ कर्मचारियों की बदलती आदतों के संदर्भ में बताया गया है। इसमें दावा किया गया है कि युवा कर्मचारी काम के घंटों और अपेक्षाओं के संबंध में स्पष्ट सीमाएं निर्धारित कर रहे हैं। पोस्ट में ऐसे ग्रुप के बारे में बताया गया है जो देर तक रुकने से बचता है, वीकेंड में कॉल नहीं रिसीव करता है और ऑफिस में लंबे समय तक काम करने के बजाय वर्क लाइफ बैलेंस को प्राथमिकता देता है। यह चर्चा X पर यूजर शीतल रिजवानी ने शेयर की जिन्होंने ऑफिस पर अपनी चचेरी बहन के अनुभव को बताया, जहां केवल GenZ कर्मचारी ही समान सीमाओं के साथ एक ग्रुप बनाते हैं। 

'GenZ ही बदल सकते हैं ऑफिस कल्चर'

इस पोस्ट को एक्स पर @RijhwaniSheetal नामक हैंडल से शेयर किया गया था। अपनी पोस्ट में रिजवानी ने लिखा, 'GenZ पीढ़ी शायद वो पीढ़ी हो सकती है जो काम के टॉक्सिक माहौल को बदल दे। मेरी GenZ कजिन ने मुझे बताया कि उनके ऑफिस में सिर्फ GenZ कर्मचारियों का एक ग्रुप है। वे सभी समय पर एक साथ ऑफिस से निकलते हैं। कोई भी मैनेजर को इंप्रेस करने के लिए देर तक नहीं रुकता। कोई भी वीकेंड पर ऑफिस से आने वाली कॉल का जवाब नहीं देता।' 

'जब AC ठीक हो जाएगा तो आ जाएंगे'

पोस्ट में आगे कहा कि ऑफिस से जुड़े मुद्दों को सीधे तौर पर आगे बढ़ाया जाता है। पोस्ट में लिखा था, 'अगर कोई मैनेजर दुर्व्यवहार करता है, तो वे इसकी रिपोर्ट HR को करते हैं, और HRमैनेजर के खिलाफ कार्रवाई करता है, न कि उनके खिलाफ।' उन्होंने एक घटना के बारे में लिखा, 'एक दिन ऑफिस  का AC खराब हो गया। पूरा ग्रुप पास के एक कैफे में गया और HR से कहा कि AC ठीक होते ही हम वापस आ जाएंगे।' पोस्ट के अनुसार, उसकी चचेरी बहन का मानना ​​है कि यह दृष्टिकोण पिछली पीढ़ियों से बिल्कुल अलग है। कैप्शन में आगे लिखा था, 'मैंने उससे पूछा कि क्या समूह में सभी लोग GenZ के हैं? उसने हां कहा। मिलेनियल्स में ऐसा करने की हिम्मत नहीं है। आप लोग चुप रहने और सब कुछ सहने के आदी हो गए हैं।' 

यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं 

इस पोस्ट पर कई यूजर्स की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक यूजर ने टिप्पणी की, “हां, मैं अक्सर GenZ के लोगों के साथ रहता हूं और सामाजिक और ऑफिस की स्थितियों के प्रति उनका नजरिया वाकई अलग है। उदाहरण के लिए, मैंने संयुक्त राज्य अमेरिका में कई लोगों को देखा है जो पिछली पीढ़ियों की तुलना में पूर्वाग्रहों से कम प्रभावित होते हैं।' 

दूसरे ने लिखा कि, 'मैं पूरी तरह सहमत हूं। मिलेनियल्स में हिम्मत नहीं है। उनके पास होम लोन, कार लोन और बिजनेस की जिम्मेदारियां हैं, इसलिए वे इस तरह के जोखिम उठाने का सामर्थ्य नहीं रखते।' 

तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'जब रोजगार बाजार मजबूत होता है तब यह अच्छा लगता है। अब, AI और नौकरियों के नुकसान के साथ, कोई भी इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा।'

चौथे यूजर ने लिखा कि, 'जब तक वे अपना काम पूरा कर देते हैं, दोपहर 3 बजे निकलना ठीक है। लेकिन उन्हें अपने आठ घंटे का काम ठीक से पूरा करना चाहिए।'

पांचवें यूजर ने लिखा कि, 'हम सुरक्षित नौकरियों और ट्रेनिंग पीरियड के दौर में थे। हमने तब तक खुद को एडजस्ट किया जब तक कि हम इसे जारी नहीं रख सके।'

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

ये भी पढ़ें -

महिला ने बेंगलुरु के माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस की गिनाईं कई खूबियां, कहा- 'हर दिन उत्साहित'

इस शख्स ने बताईं भारतीय ऑफिसों की सबसे बुरी आदतें, टॉक्सिक कल्चर पर यूजर्स ने भी किया रिएक्ट
 

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। वायरल न्‍यूज से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।