गुरुग्राम में हालिया भारी बारिश के दौरान ट्रैफिक जाम और जलभराव की आम समस्या के बीच एक सकारात्मक घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। एक कंपनी की मार्केटिंग हेड मंदाकिनी सिंह ने लिंक्डइन पर अपना अनुभव साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि ऑफिस से घर सिर्फ छह किलोमीटर की दूरी तय करने में उन्हें 4 घंटे 32 मिनट लगे। इस मुश्किल समय में उनके कैब ड्राइवर ने ऐप पर 42 मिनट का इंतजार दिखने के बावजूद उन्हें फोन कर कहा, 'मैडम, कैंसिल मत करना।' और अंत में उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया।
बारिश में फंसे रहना वीडियो गेम जैसा
लिंक्डइन पर इस पोस्ट को @MandakiniSingh नामक हैंडल से शेयर किया गया है। मंदाकिनी सिंह ने पोस्ट में लिखा कि, 'ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी वीडियो गेम के किरदारों में से एक हूं (बैकग्राउंड में मारियो की आवाज के साथ), सबसे ज़्यादा अंक कैसे हासिल करें, लेवल 1 तक कैसे पहुंचें, रणनीति कैसे बदलें, लेवल2 तक कैसे पहुंचें, और ज़्यादा गोला-बारूद और कौशल कैसे प्राप्त करें और फिर आखिरकार घर कैसे पहुंचें!' उन्होंने आगे कहा, 'इंफ्रास्ट्रक्चर, हाई टैक्स भुगतान और शासन व्यवस्था पर चर्चा किसी और दिन होगी... लेकिन आज का दिन मानवता के लिए था!!' पहला उदाहरण एक महिला और उसकी बेटी का था जो उनके कार्यालय से महज 600 मीटर दूर लोगों को बन और चाय बांट रही थीं। इसके बाद उन्होंने दयालु लोगों को अपने दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल करके जलभराव वाली सड़कों को पार करने में लोगों की मदद करते देखा।

आसपास की बताई स्थिति
महिला ने आसपास की स्थिति बताते हुए लिखा कि, 'गाने सुने- हरियाणवी, भोजपुरी और पंजाबी, चेन स्मोकर्स को अपनी सारी महंगी चीजें लुटाते देखा, पुरुषों और महिलाओं को अपने अच्छे परिवार के सदस्यों को फोन करते देखा, बहुत ट्रैफिक है बहुत ट्रैफिक... हां सुरक्षित है... पहुंच जाएंगे... टाइम लगेगा..।' इस अफरा-तफरी के बीच, उसने अपने रैपिडो ड्राइवर को अपनी मां से यह कहते हुए भी सुना कि वह गुड़गांव में ही रुकेगा, क्योंकि घर लौटते समय उसे कोई यात्री नहीं मिलेगा।
कैब ड्राइवर की तारीफ की
अंत में, उन्होंने अपने रैपिडो ड्राइवर के धैर्य के बारे में कुछ पंक्तियां जोड़ीं, जिसने उनसे बुकिंग रद्द न करने का अनुरोध किया और ऐप में 42 मिनट का प्रतीक्षा समय दिखाए जाने के बावजूद उन तक पहुंच गया।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट को देखने के बाद कई यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा कि, 'जब पैदल चलना किसी भी वाहन से यात्रा करने से तेज़ हो, तो कुछ तो गड़बड़ है।'
दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'सच कहूं तो, क्या गुरुग्राम में यही आम बात नहीं हो गई है? हर बारिश में, हर बार, इतने सारे लोग एक ही बात की शिकायत करते हैं, लेकिन कुछ भी नहीं बदला है। वहाँ अपने करियर के 10 साल बिताने के बाद, नोएडा जाना मेरे द्वारा लिए गए सबसे अच्छे फैसलों में से एक था।'
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'उस ड्राइवर को बहुत-बहुत धन्यवाद जिसने फोन करके यह सुनिश्चित किया कि वह यात्री को बीच में नहीं छोड़ेगा।'
चौथे यूजर ने लिखा कि, 'आपने गुड़गांव में मानसून की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली! आपके रैपिडो ड्राइवर को मेडल और 6-स्टार रेटिंग मिलनी चाहिए क्योंकि उन्होंने ट्रिप कैंसिल नहीं की। खुशी है कि आप 6 किलोमीटर के वॉटरपार्क से बच गए।'
गौरतलब है कि, इससे पहले एक महिला ने रात में चश्मा लौटाने वाले कैब ड्राइवर की तारीफ की थी, जिसका वीडियो काफी वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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