अटारी: पाकिस्तान ने शनिवार को 7 भारतीय नागरिकों को अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए भारत को सौंप दिया। ये सभी लोग 2023 में पंजाब में आई भयानक बाढ़ के दौरान अपने मवेशियों को बचाने की कोशिश में बहकर पाकिस्तान की तरफ चले गए थे और वहां हिरासत में ले लिए गए थे। अटारी बॉर्डर के प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण महल ने बताया, 'पाकिस्तानी पक्ष से आज ही इन 7 कैदियों की रिहाई का आदेश दोनों देशों को मिल गया था। पाकिस्तानी रेंजर्स ने इन 7 लोगों को भारतीय सीमा सुरक्षा बल यानी कि BSF को सौंप दिया। इसके बाद उन्हें कस्टम्स और इमिग्रेशन ऑफिस लाया गया, जहां सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं।'
जनवरी में भारत ने पाकिस्तानी नागरिक को वापस भेजा था
बता दें कि इन 7 भारतीय नागरिकों में से 4 फिरोजपुर जिले के हैं जबकि एक जालंधर का, एक लुधियाना का और एक उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। इन सभी ने बाढ़ के दौरान अपने जानवरों को बचाने की कोशिश में अनजाने में बॉर्डर पार कर लिया था। इससे पहले जनवरी में भारत ने एक पाकिस्तानी नागरिक को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते वापस भेजा था। भारत में स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन ने कहा था, 'भारत में कैद हाफिज मुहम्मद अबू बकर नाम के पाकिस्तानी नागरिक को आज वाघा-अटारी बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान भेज दिया गया।'
भारत ने पाकिस्तान से कहा- हमारे नागरिकों को जल्द रिहा करो
पिछले साल सितंबर में भारत ने अपनी सजा पूरी कर चुके 48 पाकिस्तानी मछुआरों और 19 पाकिस्तानी नागरिक कैदियों को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते वापस भेजा था। भारत ने पाकिस्तान सरकार से कहा है कि वह अपने यहां मौजूद सभी भारतीय कैदियों, खासकर मछुआरों को जल्द से जल्द रिहा करे। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'भारत सरकार पाकिस्तान की हिरासत में मौजूद भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई को बहुत महत्व देती है। हमने पाकिस्तान सरकार से कहा है कि वह सभी भारतीय कैदियों, खासकर मछुआरों को जल्द रिहा करे और उन्हें वापस भेजे।'


