वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में देश में 20 नए जलमार्गों का ऐलान किया है। इसमें दानकुनी से सूरत तक नया फ्रेट कॉरिडोर भी शामिल है। वित्त मंत्री ने कहा कि कार्गो के पर्यावरण-अनुकूल आवागमन को बढ़ावा देने के लिए मैं पूर्व में दानकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए समर्पित माल गलियारे स्थापित करने का प्रस्ताव करती हूं। अगले 5 वर्षों में 20 नए जलमार्गों को चालू किया जाएगा, जिसकी शुरुआत ओडिशा में राष्ट्रीय जलमार्ग 5 से होगी, ताकि तालचेर और अंगुल जैसे खनिज संपन्न क्षेत्रों और कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को पारादीप और धामरा के बंदरगाहों से जोड़ा जा सके। इसके अतिरिक्त, अंतर्देशीय जलमार्गों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वाराणसी और पटना में एक जहाज मरम्मत इकोसिस्टम भी स्थापित किया जाएगा।
इंलैंड वॉटरवेज और कोस्टल शिपिंग को मिलेगा बढ़ावा
नए वाटरवेज की शुरुआत ओडिशा के नेशनल वॉटरवे-5 (NW-5) से की जाएगी, जो तालचेर और अंगुल जैसे खनिज-समृद्ध क्षेत्रों को कलिंगा नगर जैसे औद्योगिक केंद्रों से जोड़ते हुए पारादीप और धामरा बंदरगाहों तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इंलैंड वॉटरवेज सेक्टर के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स को रीजनल सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, वाराणसी और पटना में इंलैंड वॉटरवेज के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिससे रखरखाव और संचालन को मजबूती मिलेगी।
कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम होगी लॉन्च
रेल और सड़क से जलमार्गों की ओर माल ढुलाई को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम शुरू करेगी। इसका लक्ष्य 2047 तक इंलैंड वॉटरवेज और कोस्टल शिपिंग की हिस्सेदारी को मौजूदा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करना है।
सीप्लेन मैन्युफैक्चरिंग और कनेक्टिविटी को बढ़ावा
सरकार सीप्लेन के स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन देगी। इससे अंतिम छोर (लास्ट-माइल) और दूरदराज़ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, सीप्लेन वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) स्कीम शुरू करने का प्रस्ताव है, जिसके तहत सीप्लेन ऑपरेशंस को वित्तीय सहायता दी जाएगी।






































