दिग्गज अभिनेता रजनीकांत ने रविवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से ईर्ष्या होने की बात से इनकार किया है। रजनीकांत ने स्पष्ट किया कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के अध्यक्ष व पूर्व सीएम एमके स्टालिन के साथ उनकी हालिया मुलाकात पूरी तरह से मैत्रीपूर्ण थी। इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद नहीं था।
विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोकना का प्रयास नहीं था
रजनीकांत ने पोएस गार्डन स्थित अपने घर पर पत्रकारों द्वारा कुछ खबरों को लेकर पूछे गए सवालों पर स्पष्ट किया कि पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन के साथ उनकी मुलाकात विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोकने या राजनीतिक दलों के विलय का प्रयास नहीं थी।
विजय के साथ 25 साल का पीढ़ीगत अंतर
तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के संस्थापक एवं मुख्यमंत्री विजय के प्रति किसी भी प्रकार की ईर्ष्या की बात को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उनके व मुख्यमंत्री (विजय के) के बीच 25 साल का पीढ़ीगत अंतर है। उन्होंने विजय की कम उम्र में हासिल की गई प्रभावशाली उपलब्धियों की सराहना की, जो उनके अनुसार दिग्गज एमजीआर (एमजी रामचंद्रन) और एनटीआर (एन टी रामाराव) की उपलब्धियों से भी कहीं अधिक हैं।
मैंने विजय को बचपन से देखा- रजनीकांत
तमिल व तेलुगु सिनेमा के दो चहेते सितारे एमजीआर और एनटीआर क्रमशः तमिलनाडु और तत्कालीन अविभाजित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे थे। रजनीकांत ने कहा, 'मैंने विजय को बचपन से देखा है। अगर वह मुख्यमंत्री बन गए तो मुझे उनसे ईर्ष्या क्यों होगी? वह भी महज 52 साल की उम्र में, उन्होंने एमजीआर और एनटीआर से कहीं अधिक उपलब्धियां हासिल की हैं। मुझे जरा भी ईर्ष्या नहीं है।' इसके साथ ही रजनीकांत ने विजय को मुख्यमंत्री बनने की बधाई भी दी।
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