1 फरवरी को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 में भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम को मजबूत करने पर ज़ोर दिया गया है। इसके तहत 17 तरह के कैंसर और सात दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती की जाएंगी, 10 हजार करोड़ के बायोफार्मा शक्ति मिशन के ज़रिए घरेलू बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाया जाएगा और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जाएगा। आइए, केंद्रीय बजट 2026 सत्र की स्वास्थ्य क्षेत्र में क्या क्या ऐलान हुआ की मुख्य बातों पर नज़र डालते हैं।
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शुगर और कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी: 17 तरह के कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी क्योंकि सरकार ने मुख्य कैंसर दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी माफ कर दी है, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। 7 और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को दवाओं, मेडिसिन और खास मेडिकल मकसद के लिए भोजन (FSMP) के पर्सनल इंपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी से छूट में शामिल किया गया है।
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बायो फार्मा की स्कीम के लिए 10 हजार करोड़ का निवेश: बायोफार्मा शक्ति मिशन 10,000 करोड़ के बजट के साथ लॉन्च किया गया है ताकि बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके और कैंसर और ऑटोइम्यून डिसऑर्डर जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों से निपटा जा सके। सरकारी क्षेत्र में ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया और बिहेवियरल हेल्थ को कवर करते हुए स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए संस्थानों को अपग्रेड और विस्तारित किया जाएगा।
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बुजर्गों के लिए डेढ़ लाख नए केयर गिवर: केंद्रीय बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बुजुर्गों की देखभाल हेतु डेढ़ लाख नए केयर गिवर तैयार करने का ऐलान किया गया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा। हेल्थकेयर डिलीवरी और लॉन्ग-टर्म केयर सेवाओं को मजबूत करने के लिए पांच सालों में 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।
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एम्स जैसे 3 नए आयुर्वेदिक अस्पताल बनेंगे: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में आयुर्वेद पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि एम्स जैसे 3 नए आयुर्वेदिक हॉस्पिटल बनाए जाएंगे। पशुओं के डॉक्टर बनाए जाने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही पशु चिकित्सा के लिए सरकार सब्सिडी भी देगी। पशुओं के स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह बड़ा कदम साबित हो सकता है।
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5 नए रीजनल मेडिकल सेंटर बनाए जाएंगे: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में बढ़ावा देने के लिए देश में 5 क्षेत्रीय हब स्थापित करने हेतु राज्यों को सहायता देने की एक योजना का प्रस्ताव करती हूं।
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ट्रॉमा केयर सेंटरों का 50% विस्तार : जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटरों का 50% विस्तार किया जाएगा, जिससे आपात स्थिति के दौरान, खासकर कमजोर आबादी के लिए, क्रिटिकल केयर तक पहुंच में सुधार होगा। उच्च प्रमाणन मानकों और कुशल कर्मियों की उपलब्धता के लिए आयुष फार्मेसियों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा।