Sunday, February 01, 2026
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Falgun Maah 2026: 2 फरवरी से शुरू हो रहा है फाल्गुन का महीना, नोट कर लीजिए इस माह में आने वाले प्रमुख व्रत-त्यौहार

Falgun Month 2026 Vrat Tyohar Date: हिंदू धर्म में फाल्गुन का महीना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह में महाशिवरात्रि से लेकर होली तक प्रमुख व्रत-त्यौहार आते हैं। तो आइए यहां जानते हैं फाल्गुन में आने वाले फेस्टिवल की तारीखों के बारे में।

Written By: Vineeta Mandal
Published : Feb 01, 2026 05:01 pm IST, Updated : Feb 01, 2026 05:01 pm IST
फाल्गुन माह व्रत-त्यौहार- India TV Hindi
Image Source : UNSPLASH फाल्गुन माह व्रत-त्यौहार

Falgun Month 2026: 2 फरवरी से से हिंदी संवत के अंतिम महीना फाल्गुन का प्रारंभ हो रहा है। फाल्गुन माह को रंगों का महीना भी का जाता है। इस महीने में ऋतुराज वसंत के आगमन से

प्रकृति की सुंदरता को चार चांद लग जाते है। हिंदी संवत का आखिरी महीना फाल्गुन जाते-जाते सर्द ऋतु को ले जाता है और वसंत जैसे सुहावने मौसम के साथ हिंदी नव वर्ष की शुरुआत होती है। जहां एक तरफ फाल्गुन माह में प्रकृति की छटा रहती है, तो वहीं दूसरी तरफ भारतीय संस्कृति के कई प्रमुख त्यौहार भी इसी महीने में आते हैं।

फाल्गुन महीने में महाशिवरात्रि और होली का इंतजार सबको रहता है। महाशिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। कन्याएं सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करती है। इस दिन देश में मौजूद अलग-अलग ज्योर्तिलिंगों के दर्शन का बहुत ही महत्व है। 

फल्गुन माह के व्रत-त्यौहार

संकष्टी चतुर्थी (5 फरवरी)

फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि यानि 5 फरवरी को संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी का व्रत किया जाएगा। संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी का अर्थ होता है। संकटों को हरने वाली। कहते हैं कि जो व्यक्ति इस दिन व्रत करता है, उसके जीवन में चल रही सभी समस्याओं का समाधान निकलता है और उसके सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। इसकी विस्तृत चर्चा हम 5 फरवरी को करेंगे।

जानकी जंयती (9 फरवरी)

फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यानि 9 फरवरी को श्री जानकी जंयती मनाई जाएगी और 9 फरवरी को दयानंद सरस्वती की जयंती मनाई जाएगी। इसके अलावा 11 फरवरी की सुबह 8 बजकर 51 मिनट पर शुक्र शतभिषा नक्षत्र राशि में प्रवेश करेंगे। इसकी विस्तृत चर्चा हम 9 फरवरी को ही करेंगे।

विजया एकादशी (13 फरवरी)

फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी मनाई जाएगी। माना जाता है कि प्रभु श्री राम ने विजया एकादशी का व्रत रखा था, जिसके फल के प्रताप से वह रावण को परास्त किये थे। विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी 2026 को रखा जाएगा।

महाशिवरात्रि व्रत (15 फरवरी)

महाशिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। कन्याएं सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करती है। इस दिन देश में मौजूद अलग-अलग ज्योर्तिलिंगों के दर्शन का बहुत ही महत्व है। 

शनि प्रदोष व्रत (14 फरवरी)

14 फरवरी को शनि प्रदोष व्रत किया जाएगा। इस दिन भगवान शिव के साथ शनि देव की भी पूजा का विधान है। ऐसा करने से व्यक्ति को भोलेनाथ के साथ शनि देव की भी कृपा प्राप्त होती है।

फाल्गुन अमावस्या (17 फरवरी)

फाल्गुनी अमावस्या का भी धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व है। अमावस्या तिथि में दान-पुण्य आदि के लिये विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि, 17 फरवरी को पड़ेगी। इस दिन मंगलवार होने से यह भौमवती अमावस्या हैं। इस दिन पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और स्नान-दान का बहुत महत्व होता है। 

विनायक चतुर्थी ( 21 फरवरी)

फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को यानि 21 फरवरी को विनायक श्रीगणेश चतुर्थी का व्रत किया जाएगा। इस दिन व्रत कर भगवान गणेश जी की पूजा- अर्चना करने से व्यक्ति को हर तरह की सुख-समृद्धि मिलती है।

होलाष्टक प्रारंभ (24 फरवरी)

इसके अलावा 24 फरवरी यानि फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को होलाष्टक प्रारंभ हो जाएगा। यहां होलाष्टक का अर्थ ही है– होली से आठ दिन पहले। ये होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू होकर होलिका दहन तक रहेंगे। उसके बाद जिस दिन होली खेली जाएगी, उस दिन से समाप्त हो जायेंगे। यहां ध्यान देने की बात ये है कि इन आठ दिनों के दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य करना
वर्जित माना जाता है। इस दौरान मुख्य तौर पर विवाह, गृह प्रवेश आदि सोलह संस्कारों को करने की मनाही है।

आमलकी एकादशी (27 फरवरी)

फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आमलकी एकादशी मनाने का विधान है। इस एकादशी को रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन उपवास करके भगवान विष्णु की पूजा व रात्रि जागरण करने से सुख समृद्धि व मोक्ष की प्राप्ति होती है। आमलकी एकादशी 27 फरवरी को पड़ रही हैं।

प्रदोष व्रत (1 मार्च)

साथ ही फाल्गुन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। फाल्गुन शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत 1 मार्च को किया जाएगा। इस दिन रविवार होने से यह रवि प्रदोष व्रत होगा। 

फाल्गुनी पूर्णिमा/ होलिका दहन 

फाल्गुन मास में चतुर्दशी तिथि को यानि की 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। साथ ही 2 मार्च को फाल्गुनी पूर्णिमा मनाया जाएगा। मान्यता है कि चंद्रमा की उत्पति अत्रि और अनुसूया से फाल्गुन मास की पूर्णिमा को हुई थी इस कारण गाजे-बाजे के साथ नाचते गाते हुए चंद्रोदय की पूजा की जाती है। 

होली 2026 

इस साल रंगों वाली होली का त्यौहार 3 और 4 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली मनाएंगे।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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