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हरीश राणा क्यों ठीक नहीं हो पाए, क्या है क्वाड्रिप्लेजिया कंडीशन, गिरने और तेज स्पीड में वाहन चलाने वालों के लिए है खतरनाक

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Mar 18, 2026 12:32 pm IST,  Updated : Mar 18, 2026 02:11 pm IST

Harish Rana Disease: इच्छामृत्यु पाने वाले हरीश राणा क्वाड्रिप्लेजिया नाम की एक गंभीर कंडीशन की वजह से ठीक नहीं हो पाए। हरीश पिछले 13 सालों से वेजिटेटिव स्टेट में हैं। जानिए क्या है क्वाड्रिप्लेजिया कंडीशन और इसमें क्या होता है?

हरीश राणा को क्या हुआ - India TV Hindi
हरीश राणा को क्या हुआ Image Source : INDIA TV

हरीश राणा को इच्छामृत्यु की इजाज़त देने के बाद से उनके कई भावुक वीडियो सामने आ चुके हैं। भारत में ये पहला मामला है जब किसी को सुप्रीम कोर्ट की ओर से इच्छामृत्यु की इजाज़त दी गई है। हरीश पिछले 13 सालों से वेजिटेटिव स्टेट में हैं, जिसमें वो जीवित तो हैं लेकिन उनके आसपास क्या चल रहा है। इसका उन्हें कुछ पता नहीं है। हरीश इतने सालों से सिर्फ दवा और मशीनों के सहारे ही जीवित हैं। एम्स में उनको दिए जाने वाले लाइफ सपोर्ट सिस्टम धीरे-धीरे हटाए जा रहे हैं। 

ऐसे में लोगों में मन में सवाल उठता है कि हरीश को ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से उनकी हालत ऐसी हुई। दरअसल 2013 में हरीश राणा चंडीगढ़ में हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिर गए थे। हरीश राणा वेजिटेटिव स्टेट में थे और उन्हें क्वाड्रिप्लेजिया नाम की एक गंभीर कंडीशन थी, जिसकी वजह से शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। आइये डॉक्टर से जानते हैं क्वाड्रिप्लेजिया कंडीशन क्या है और ये कैसे होती है। इससे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?

डॉक्टर ने बताई हरीश राणा की मेडिकल कंडीशन
Image Source : INDIA TVडॉक्टर ने बताई हरीश राणा की मेडिकल कंडीशन

क्वाड्रिप्लेजिया क्या है?

गुरुग्राम स्थित डॉक्टर आदित्य गुप्ता (चेयरपर्सन, न्यूरोसर्जरी एंड साइबरनाइफ सेंटर, आर्टेमिस हॉस्पिटल) ने बताया कि क्वाड्रिप्लेजिया कंडीशन में मरीज के दोनों हाथ और दोनों पैर काम करना बंद कर देते हैं। पिछले कुछ सालों में क्वाड्रिप्लेजिया के मामले काफी सामने आए हैं। इसकी वजह तेज़ रफ्तार में गाड़ी चलाना और एक्सीडेंट होना है। तेज स्पीड में होने वाले एक्सीडेंट्स में गर्दन पर गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है। गर्दन से होकर हमारी स्पाइनल कॉर्ड जाती है जो दिमाग के संकेतों को हाथों और पैरों तक पहुंचाती है। ऐसे में जब गर्दन पर स्पाइनल कॉर्ड को चोट लगती है तो हाथ-पैरों को चलाने वाली नसें अपनी शक्ति खो देती हैं। इससे सर्वाइकल स्पाइनल कॉर्ड इंजरी कहते हैं। जिसकी वजह से कुछ मामलों में क्वाड्रिप्लेजिया हो सकता है।

क्वाड्रिप्लेजिया क्यों होता है?

  • ऊंचाई से गिरने पर गंभीर चोट लगना
  • स्पाइनल कॉर्ड में ट्यूमर या ब्लीडिंग
  • हाई-स्पीड वाहन का एक्सीडेंट होना
  • स्पाइनल कॉर्ड के अंदर ट्यूमर होना
  • स्पाइनल कॉर्ड की नसों के गुच्छे में ब्लीडिंग
  • स्पाइनल कॉर्ड के एरिया में ज़्यादा रेडिएशन
  • मल्टीपल स्क्लेरोसिस और एक्यूट डिसेमिनेटेड एन्सेफेलोमायलाइटिस

क्वाड्रिप्लेजिया से शरीर पर क्या असर होता है?

डॉक्टर आदित्य ने बताया कि क्वाड्रिप्लेजिया कंडीशन में मरीज चल-फिर नहीं सकता। वो अपने डेली के काम खुद से नहीं कर पाता। मरीज के हाथ और पैरों में संवेदना खत्म हो जाती है। मरीज को कहीं चोट लगे उसे कुछ पता नहीं चलता है। क्वाड्रिप्लेजिया में मरीज को पेशाब और मोशन पास करने का भी पता नहीं चल पाता है। ऐसे मरीज को लंबे समय तक पड़े रहने से बेड सोर्स लगते हैं। घाव बढ़ने का खतरा रहता है।

क्वाड्रिप्लेजिया का इलाज 

कुछ मामलों में मरीज को स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के बाद ऑपरेशन करके नसों पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जाता है। इस तरह कुछ रिकवरी के चांस होते हैं। इसके अलावा स्पाइनल कॉर्ड की बहुत ज्यादा चोट लगी है तो कई बार ऑपरेशन के बाद भी सुधार सीमित ही होता है। रीढ़ की हड्डी और दूसरी हड्डियां जगह से खिसक जाएं तो ऑपरेशन करना पड़ता है। फिजियोथेरेपी से उठने बैठने में सुधार आता है। क्वाड्रिप्लेजिया का इलाज पूरी तरह मुमकिन है या नहीं, ये स्पाइनल कॉर्ड में लगी चोट और नसों को हुए नुकसान पर निर्भर करता है। अगर स्पाइनल कॉर्ड हमेशा के लिए डैमेज हो गई है तो मरीज का ठीक होना मुश्किल हो जाता है।

 

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