जर्मनी को विकसित देशों में बेहतरीन हेल्थकेयर सिस्टम के लिए जाना जाता है, लेकिन एक भारतीय महिला के वायरल वीडियो ने इसकी हकीकत सामने ला दी है। महिला ने बताया कि सामान्य चेकअप के लिए भी एक हफ्ते तक इंतजार करना पड़ता है। 'जर्मनी में डॉक्टर की ज़रूरत पड़ने पर क्या हुआ' शीर्षक वाले एक इंस्टाग्राम वीडियो में सिमरन कौल अरोरा नाम की यूजर ने विस्तार से बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि जर्मनी में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़िया होंगी, लेकिन जब उनके पति को आंखों में इंफेक्शन हुआ और उन्हें डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने की जरूरत पड़ी, तो उन्हें डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
ऐसा है जर्मनी का हाल !
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @simran.with.shivam नामक हैंडल से शेयर किया गया है। महिला ने कहा कि, 'जर्मनी आने से पहले मुझे हमेशा लगता था कि यहां की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली बहुत कुशल होंगी। लेकिन हाल का अनुभव मेरी उम्मीदों से बिल्कुल अलग रहा। डॉक्टर तक पहुंचना आसान नहीं था और पति के साथ डॉक्टर से मिलने के लिए लगभग एक सप्ताह तक इंतजार करना पड़ा। शिवम को आंखों में इंफेक्शन हो गया था। शुरू में हमने सोचा कि हम जल्दी से इसकी जांच करवा लेंगे। लेकिन तभी हमें एहसास हुआ कि डॉक्टर तक पहुंचना इतना आसान नहीं है। पहले हम इमरजेंसी रूम गए। वहां से हमें कहीं और जाने के लिए कहा गया, जो हमारे घर से एक घंटे की दूरी पर था। फिर, हमें एक सप्ताह बाद डॉक्टर से मिलने का समय मिला।'
'इंश्योरेंस और टैक्स देने के बाद भी मिली निराशा'
महिला ने दावा किया कि हाई बीमा प्रीमियम और टैक्स का भुगतान करने के बावजूद पूरी प्रणाली जटिल थी जिसके कारण स्वास्थ्य सेवा सुलभ नहीं थी। वे बोलीं कि, 'जब हम आखिरकार अपॉइंटमेंट लेने गए, तब भी हमें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। और सच कहूं तो, सबसे निराशाजनक बात यह थी कि इंश्योरेंस और टैक्स में इतना पैसा खर्च करने के बाद भी डॉक्टर से अपॉइंटमेंट मिलना इतना मुश्किल है। अगर हमें अपॉइंटमेंट मिल भी जाता है तो भी हमें बहुत लंबा इंतजार करना पड़ेगा। जर्मनी आने से पहले मेरी जो उम्मीदें थीं, यह उनसे बिल्कुल अलग है।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
जैसे ही पोस्ट वायरल हुई सोशल मीडिया यूजर्स ने स्थिति की तुलना भारत से की। एक यूजर ने लिखा कि, 'ऐसे ही पलों में मुझे भारत की सच्ची याद आती है।'
दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'इसे साझा करने के लिए धन्यवाद। यह उन कई भारतीयों के लिए आंखें खोलने वाला हो सकता है जो यहां डॉक्टरों को बेधड़क गाली देते हैं और पीटते हैं।'
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'मैडम, आज मैं बिहार के पटना में एक सरकारी अस्पताल गया था। रजिस्ट्रेशन के लिए केवल 5 रुपये लगे और मुझे 15 मिनट में डॉक्टर से मिलने का मौका मिला, साथ ही मुफ्त दवाइयां भी मिलीं। क्लिनिक में 4 डॉक्टर मौजूद थे। यह बहुत तेज़ था।'
चौथे यूजर ने लिखा कि, 'भारत में दुनिया की सबसे सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों में से एक है, जहां मरीज अक्सर उसी दिन डॉक्टर से मिल सकते हैं। दुख की बात है कि भारी दबाव में अथक परिश्रम करने के बावजूद कई डॉक्टरों को अनादर और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।'
गौरतलब है कि, इससे पहले एक यूरोपीय महिला ने भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की तारीफ की थी।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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