8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) ने भले ही हाल ही में अपना काम शुरू किया हो, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनर्स संगठनों की ओर से फिटमेंट फैक्टर को लेकर सुझाव आने शुरू हो गए हैं। जहां एक तरफ FNPO ने फिटमेंट फैक्टर 3 रखने की मांग की है, वहीं 2025 की एक रिपोर्ट में इसके 1.82 से 2.46 के बीच रहने की संभावना जताई गई थी। हालांकि अंतिम फैसला तभी होगा जब 8वां वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा, लेकिन इस बीच एक पेंशनर्स संगठन ने फिटमेंट फैक्टर तय करने के लिए हाइब्रिड सिस्टम अपनाने का सुझाव दिया है।
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क्या है पेंशनर्स का सुझाव?
यह प्रस्ताव रेलवे वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति ने 14 मार्च 2026 को 8वें वेतन आयोग के चेयरपर्सन को सौंपा है। यह सुझाव आयोग द्वारा जारी 18 अहम सवालों वाले प्रश्नावली के जवाब में दिया गया है। रेलवे वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति का कहना है कि फिटमेंट फैक्टर ऐसा होना चाहिए, जो महंगाई और संरचनात्मक बदलावों के कारण हुई वास्तविक आय में कमी की भरपाई कर सके। खासकर पेंशनर्स के लिए एक समान और पर्याप्त फिटमेंट फैक्टर जरूरी है, जिससे उनकी बेसिक पेंशन में वास्तविक बढ़ोतरी हो सके। upstox की खबर के मुताबिक, संगठन ने सुझाव दिया है कि फिटमेंट फैक्टर तय करने के लिए डॉ. वॉलेस एकरॉयड के फॉर्मूले, 7वें वेतन आयोग के दृष्टिकोण और 5वें वेतन आयोग के कॉन्स्टेंट रिलेटिव इनकम अप्रोच को मिलाकर एक हाइब्रिड मॉडल अपनाया जाए।
किन चीजों को शामिल करने की सिफारिश?
इस प्रस्ताव में कहा गया है कि फिटमेंट फैक्टर की गणना करते समय निम्न खर्चों को भी शामिल किया जाए:
- रोजमर्रा की उपभोग वस्तुओं का खर्च
- इंटरनेट और डिजिटल कनेक्टिविटी खर्च
- स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम
- हेल्थकेयर से जुड़ी महंगाई
इसके अलावा, एक परिवार के लिए 4 सदस्यों की यूनिट को आधार मानने की भी सिफारिश की गई है।
अन्य अहम सुझाव
- अलग-अलग स्तरों के लिए अलग फिटमेंट फैक्टर पर विचार किया जा सकता है।
- लेकिन पेंशन संशोधन में समानता बनाए रखना जरूरी है।
फिलहाल आठवां वेतन आयोग डेटा कलेक्ट कर रहा है, मीटिंग्स चल रही हैं।

7वें वेतन आयोग का फॉर्मूला
7वें वेतन आयोग ने एकरॉयड फॉर्मूला के आधार पर वेतन संरचना तय की थी, जो देश में औसत जीवन-यापन लागत को दर्शाता है। इस फॉर्मूले में आम उपभोक्ता की जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों को शामिल किया जाता है, जिनकी समीक्षा समय-समय पर शिमला स्थित लेबर ब्यूरो द्वारा की जाती है। इस तरह, 8वें वेतन आयोग के लिए यह प्रस्ताव फिटमेंट फैक्टर तय करने में एक नया दृष्टिकोण पेश करता है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद है।
बता दें, सरकार ने आठवां वेतन आयोग गठित किया है और विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और विशेषज्ञों से फिटमेंट फैक्टर पर कई सुझाव और मांगें आ रही हैं। फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है जो पुरानी बेसिक सैलरी को नई बेसिक सैलरी में बदलने के लिए इस्तेमाल होता है, और इससे सैलरी, पेंशन और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी तय होती है।
क्या उम्मीद करें
खबर के मुताबिक, आठवां वेतन आयोग डेटा कलेक्ट कर रहा है, मीटिंग्स चल रही हैं। माना जा रहा है कि फाइनल रिपोर्ट 2027 में आ जाएगी, फिर सरकार मंजूरी देगी। आठवां वेतन आयोग पर अमल साल 2027 में होने की उम्मीद है, जबकि एरियर्स 1 जनवरी 2026 से मिलने की बात है। हालांकि, बजट 2026 में कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ, क्योंकि आयोग प्रोसेस चल रहा है।
अगर तमाम यूनियनों का दबाव ज्यादा रहा तो फिटमेंट फैक्टर 3.0+ की संभावना बढ़ सकती है, लेकिन सरकार फाइनेंशियल कंस्ट्रेंट्स देखेगी।