फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) ने 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को पत्र लिखकर तत्काल राहत की मांग की है। शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को FNPO के महासचिव शिवाजी वेसिरेड्डी ने इस पत्र में मांग की है कि बढ़ती महंगाई और 8वें वेतन आयोग के क्रियान्वयन में संभावित देरी को देखते हुए, 50% महंगाई भत्ता (DA) को मूल वेतन/पेंशन में विलय (मर्ज) किया जाए और 1 जनवरी 2026 से इसे अंतरिम राहत के रूप में लागू किया जाए।
डिमांड में क्या कहा
खबर के मुताबिक, फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस ने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि वह सरकार से अनुरोध करता है कि 1 जनवरी 2026 से 50% महंगाई भत्ता मूल वेतन/पेंशन में विलय (मर्ज) कर अंतरिम राहत प्रदान की जाए। इससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को तुरंत वित्तीय सहायता मिलेगी, उनकी क्रय शक्ति आंशिक रूप से बहाल होगी और देशभर के लाखों परिवारों को आर्थिक सम्मान और गरिमा सुनिश्चित होगी।
पहले के वेतन आयोगों में भी था ऐसा प्रावधान
इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, शिवाजी वेसिरेड्डी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि पहले के वेतन आयोगों में भी ऐसा प्रावधान किया गया था। उदाहरण के लिए- तीसरे वेतन आयोग में DA जब मूल वेतन का 100% पार कर गया था, तो इसे मूल वेतन में शामिल किया गया। चौथे और पांचवें वेतन आयोग में DA बढ़ने पर डियरनेस पे की व्यवस्था लागू की गई थी।
वर्तमान स्थिति
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए DA (और पेंशनभोगियों के लिए डियरनेस रिलीफ) अभी 58% है। जल्द ही इसमें 2% की और बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे यह 60% तक पहुंच सकता है।
महंगाई भत्ता का मकसद
महंगाई भत्ता यानी DA मूल्य वृद्धि के प्रभाव से बचाव के लिए दिया जाता है, जो ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स पर आधारित होता है। सरकार इसे हर साल जनवरी और जुलाई में दो बार संशोधित करती है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब 8वां वेतन आयोग अपनी कार्यवाही में जुटा है और कर्मचारी संगठन लंबे समय से महंगाई के बोझ को कम करने के लिए DA मर्जर और अंतरिम राहत की मांग कर रहे हैं। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस की यह पहल लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत की उम्मीद जगाती है।






































