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Bluetooth का नाम 'ब्लूटूथ' कैसे पड़ा? आइए आपको बताते हैं यह गजब का फैक्ट

 Written By: Adarsh Pandey
 Published : Jun 08, 2026 02:30 pm IST,  Updated : Jun 08, 2026 03:09 pm IST

फोन चलाने वाले हर इंसान को ब्लूटूथ के बारे में तो पता ही होगा लेकिन ब्लूटूथ का इतना यूज करने के बाद बहुत ही कम लोगों को या फिर शायद ही किसी को पता होगा कि ब्लूटूथ को उसका यह नाम कैसे मिला। आइए आपको हम बताते हैं।

ब्लूटूथ को कैसे मिला उसका नाम?- India TV Hindi
ब्लूटूथ को कैसे मिला उसका नाम? Image Source : INDIA TV

आज के समय में हर हाथ में फोन है। लोग फोन का यूज भी खूब करते हैं और कई सारे लोगों का तो सारा काम ही फोन से होता है। आप भी फोन का यूज तो खूब करते ही होंगे और अगर ऐसा है तो फिर आपको फोन के अलग-अलग फीचर के बारे में भी पता होगा। आपको Bluetooth के बारे में भी पता होगा। एक समय था जब लोग Bluetooth के जरिए ही फोटो और गाने शेयर करते थे। अब भले ही Bluetooth से लोग फोटो और गाने शेयर नहीं करते हैं लेकिन इसका यूज तो आज भी होता है। लोग Bluetooth से हेडफोन कनेक्ट करते हैं, गाड़ी में गाना बजाने के लिए भी Bluetooth से लोग फोन को कनेक्ट करते हैं मगर इसका इतना यूज करने के बाद भी क्या आप यह जानते हैं कि इसे यह नाम कैसे मिला? आइए हम आपको बताते हैं।

Bluetooth को कैसे मिला उसका नाम?

हम सभी ब्लूटूथ के बारे में जानते हैं लेकिन हम अक्सर इसकी अहमियत और हमारी जिंदगी पर इसके असर को नजर अंदाज कर देते हैं। हम स्मार्टफ़ोन से लेकर हेडफोन और दूसरी चीजों तक, वायर्ड टेक्नोलॉजी से दूर रहते हुए या रहने के लिए ब्लूटूथ टेक्नोलॉजी का ही यूज करते हैं और उस पर निर्भर हैं। तो क्या आप यह जानते हैं कि इस टेक्नोलॉजी को इसका नाम कहां से मिला?

आपको बता दें कि यह यानी ब्लूटूथ शब्द कोई एक्रोनिम नहीं है और न ही इसका कोई खास मतलब है। तो फिर इसका क्या मतलब है? हैरानी की बात है कि यह नाम एक हज़ार साल से भी ज्यादा पुराने राजा हेराल्ड "ब्लूटूथ" गोर्मसन से जुड़ा है। वो दो वजहों से मशहूर थे जिसमें से एक 958 में डेनमार्क और नॉर्वे को एक करना है और दूसरा उनका एक मृत दांत, जिसका रंग गहरा नीला/स्लेटी था है। इस दांत के कारण ही उनको ब्लूटूथ उपनाम मिला।

जिम कार्डाच ने दिया था सुझाव

आपको बता दें कि साल 1996 में इंटेल, एरिक्सन और नोकिया ने मिलकर इस शॉर्ट-रेंज रेडियो टेक्नोलॉजी के स्टैंडर्डाइजेशन की योजना बनाई। उस मीटिंग के दौरान, इंटेल के जिम कार्डाच ने 'ब्लूटूथ' नाम का सुझाव एक अस्थायी कोड-नेम के तौर पर दिया। बता दें कि ब्लूटूथ नाम को उस समय सिर्फ तब तक के लिए रखा गया था जब तक कि मार्केटिंग टीम कोई बहुत बढ़िया नाम न ढूंढ ले मगर आज यही नाम इस टेक्नोलॉजी की पहचान है।

नोट: इस आर्टिकल में दी गई सारी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट्स पर आधारित है और इंडिया टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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