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बजट देख ठनका शशि थरूर का माथा, कहा-'चुनावी साल में बजट से केरल पूरी तरह गायब', एक्स पर 7 पोस्ट कर पूछे कई सवाल

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Feb 01, 2026 06:57 pm IST,  Updated : Feb 01, 2026 06:57 pm IST

शशि थरूर ने कहा कि चुनावी साल में भी केरल को बजट में कुछ नहीं दिया गया। यह बजट अपने आप में एक संदेश है। इससे पहले शशि थरूर ने कहा था कि बजट भाषण में स्पष्टता की कमी थी।

Shashi Tharoor- India TV Hindi
शशि थरूर Image Source : PTI

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने नाराजगी जाहिर की है। थरूर कई महीनों से केंद्र सरकार के समर्थन में बयान दे रहे थे, लेकिन बजट देखकर उनका माथा ठनक गया। पहले उन्होंने कहा कि बजट भाषण में बहुत कम जानकारी थी। इस वजह से उन्हें बजट सही तरीके से समझ नहीं आया। हालांकि, बाद में उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कुल सात पोस्ट कर बजट को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केरल को ऐसे नेतृ्त्व की जरूरत है, जो दिल्ली में मलयाली लोगों को सम्मान दिला सके और स्थानीय स्तर पर विकास ला सके। अभी केरल के पास दोनों नहीं हैं।

शशि थरूर ने लिखा, "आज वित्त मंत्री के भाषण में एक बेचैन करने वाली पुरानी यादों का एहसास है। एक ऐसा राज्य जो देश के फॉरेक्स रिजर्व, स्किल्ड वर्कफोर्स और सॉफ्ट पावर में इतना मजबूत योगदान देता है। ऐसा केरल केंद्र के फाइनेंशियल विजन में पूरी तरह से गायब लगता है। चुनावी साल में "अदृश्य केरल का बजट" अपने आप में एक संदेश है।" उन्होंने लिखा, "केरल के लिए AIIMS पर चुप्पी बनी हुई है। देश भर में 22 इंस्टीट्यूट बने हैं और हमारे जैसे हेल्थ में आगे रहने वाले राज्य को बाहर रखना हैरान करने वाला है। यहां तक ​​कि ऑल-इंडिया आयुर्वेद इंस्टीट्यूट का वादा भी एक सपना ही बना हुआ है, क्योंकि केरल का जिक्र नहीं है। एक मेडिकल हब के तौर पर तिरुवनंतपुरम के पोटेंशियल को सिस्टमैटिक तरीके से दबाया जा रहा है।"

हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर भी नाराजगी जताई

कांग्रेस सांसद ने कहा कि पूरे भारत में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा देश के लिए अच्छी बात है, लेकिन केरल को पूरी तरह से बाहर रखना ठीक नहीं है। हम एक हाई-डेंसिटी वाला राज्य हैं, जो मॉडर्न ट्रांसपोर्ट के लिए तरस रहा है। केंद्र हमें नजरंदाज करता है, और राज्य ऐसे कागजी प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव देता है, जिन्हें वह वहन नहीं कर सकता। हमारे यात्रियों के पास कुछ नहीं बचता। हमें असली ट्रेनों की जरूरत है, नए एक्रोनिम्स की नहीं। उन्होंने लिखा, "विझिंजम एक स्ट्रेटेजिक नेशनल एसेट है, जो भारत के समुद्री व्यापार का गेटवे है। फिर भी, इसकी लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए कोई खास एलोकेशन नहीं है, जबकि दूसरी जगहों के पोर्ट्स को बहुत ज्यादा मदद दी जाती है। इसे नेशनल प्रायोरिटी के बजाय केरल का मुद्दा मानना ​​स्ट्रेटेजिक सोच की नाकामी है।"

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