शेयर बाजार में फिलहाल बड़ा करेक्शन जारी है। तमाम स्टॉक्स में बड़ी गिरावट देखी जा रही है, तो वहीं कुछ स्टॉक्स पॉजिटिव रुख भी अपनाए हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए यह समय बेहद अहम है। मौजूदा समय के मुताबिक, करेक्शन के वक्त खासकर खुदरा निवेशकों के मन में काफी उहापोह की स्थिति होती है। निवेशकों यह समझने की कोशिश में होते हैं कि आखिर मार्केट में उथल-पुथल जैसी स्थिति पैदा हो जाए तो निवेश को लेकर किस तरह की स्ट्रैटेजी सही होगी? क्या करना चाहिए, किससे बचना चाहिए। ऐसे ही तमाम सवाल पैदा होते हैं। मार्केट करेक्शन को लेकर एक्सपर्ट ने खुदरा निवेशकों के लिए कुछ खास सलाह दी है, आइए यहां समझ लेते हैं।
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क्या करें खुदरा निवेशक
फाइनेंशियल एनालिस्ट और जाने-माने मार्केट एक्सपर्ट कुणाल सरावगी का कहना है कि मार्केट में आया यह करेक्शन आने की आहट पहले से ही थी। यह होना था। इसलिए इसको लेकर निगेटिव होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मार्केट बुलिश रहेगा। उन्होंने कहा कि वह आगे के लिए निफ्टी को लेकर पॉजिटिव हैं। खुदरा निवेशकों को फिलहाल क्या करना चाहिए इस सवाल पर उन्होंने कहा कि निवेशकों को अभी थोड़ा और करेक्शन का इंतजार करना चाहिए, फिर खरीदारी शुरू करनी चाहिए। सरावगी का कहना है कि मेटल और फार्मा सहित कई अन्य सेक्टर आने वाले दिनों में बेहतर परफॉर्म कर सकते हैं।
आगे बाजार कैसे करेगा रिएक्ट
मार्केट एक्सपर्ट कुणाल कहते हैं कि शेयर मार्केट आने वाले दिनों में भूराजनीतिक-तनाव, अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों और देश में विधानसभा चुनाव के नतीजों से प्रभावित होगा। हालांकि उनका कहना है कि इजरायल-हिजबुल्लाह युद्ध का असर मार्केट पर शॉर्ट टर्म में तो देखने को मिल सकता है, लेकिन लंबी अवधि में इन युद्ध या तनाव का असर नहीं होगा। फिलहाल भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। अमेरिकी डॉलर में भी मजबूती दिख रही है।
शेयर बाजार में भूचाल
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार गिरावट देखने को मिल रही है। दोपहर 1 बजकर 29 मिनट पर सेंसेक्स 1279.29 अंक लुढ़ककर 84314.25 के लेवल पर कारोबार कर रहा था, वहीं, निफ्टी 50 भी 372 अंक लुढ़कर 25806.95 के लेवल पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले शेयर बाजार में आज आई गिरावट से निवेशकों के 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डूब चुके हैं। दोपहर 12:10 बजे बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 3.50 लाख करोड़ रुपए घटकर 475.60 लाख करोड़ रुपए रह गया। इसी तरह, 27 सितंबर को बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 479.10 लाख करोड़ रुपए था।