Repo Rate projection in 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस साल रेपो रेट में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की है। आरबीआई द्वारा रेपो रेट घटाए जाने से कर्ज सस्ता हुआ और इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिला है। रेपो रेट घटाए जाने से होम लोन से लेकर कार लोन और पर्सनल लोन से लेकर एजुकेशन लोन समेत सभी तरह के लोन की ब्याज दरें कम हो गईं। लोन की ब्याज दरें कम होने से ग्राहकों की कुल देनदारी में गिरावट आई है, जिससे उनकी मंथली ईएमआई भी कम हो गई। अब यहां एक बड़ा सवाल ये उठता है कि क्या 2026 में भी आरबीआई रेपो रेट में कटौती कर सकता है, क्या अगले साल लोन और भी सस्ता हो सकता है?
RBI ने इस साल रेपो रेट में की 1.25 प्रतिशत की कटौती
भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल रेपो रेट में 5 बार में 1.25 प्रतिशत की कटौती की। रिजर्व बैंक ने इस साल रेपो रेट में सबसे पहले फरवरी में 0.25 प्रतिशत, अप्रैल में 0.25 प्रतिशत, जून में 0.50 प्रतिशत और फिर दिसंबर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की। जो रेपो रेट इस साल जनवरी में 6.50 प्रतिशत था, वो अब घटकर 5.25 प्रतिशत हो गया है। एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर सचिन बजाज का कहना है कि 2026 में महंगाई दर RBI MPC के 4% टारगेट के बराबर या उससे कम रहने का अनुमान है, जिससे ग्रोथ को सपोर्ट करने वाली पॉलिसी जारी रखने की गुंजाइश बनेगी।
क्या 2026 में और सस्ता होगा कर्ज
सचिन बजाज के मुताबिक, दिसंबर 2025 के नरम रुख के बाद, भारतीय रिजर्व बैंक अगले साल फरवरी या अप्रैल में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 प्रतिशत की एक और कटौती कर सकता है। उन्होंने कहा कि OMO के जरिए लिक्विडिटी सपोर्ट पूरे CY2026 में जारी रहने की उम्मीद है। कम पॉलिसी रेट और लगातार लिक्विडिटी के इस कॉम्बिनेशन से पर्सनल और कॉर्पोरेट दोनों तरह के कर्जदारों के लिए उधार लेने की लागत कम होनी चाहिए।
कर्ज की ब्याज दरों को लेकर क्या है रियल एस्टेट की राय
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर, अमित मोदी का कहना है कि 2026 रियल एस्टेट के लिए एक अहम साल साबित हो सकता है। आरबीआई की ओर से ब्याज दरों में नरमी और रेपो रेट में कटौती ने होम लोन को पहले से सस्ता बनाया है, जिससे खरीदारों का भरोसा बढ़ा है। सिक्का ग्रुप के चेयरमैन हरविंदर सिंह सिक्का ने कहा पिछले दो सालों में भले ही प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ी हों, लेकिन आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में राहत मिलने से खरीदारों की दिलचस्पी और बढ़ी है। कम होती ईएमआई और स्थिर लोन रेट्स ने यह साफ कर दिया है कि रियल एस्टेट आज भी भारत का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश बना हुआ है। 2026 में भी यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है।