आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 45-IA (6) के तहत आरबीआई को मिली शक्तियों के अनुसार यह एक्शन लिया गया है। आरबीआई द्वारा जारी निर्देशों की अवहेलना के कारण भी इन पर कार्रवाई हुई है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में इन सिक्कों को भुगतान के रूप में स्वीकार करने की अपील की है और बताया है कि ये सभी सिक्के मान्य हैं। इसको लेकर कोई दुविधा नहीं होनी चाहिए।
मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 3-5 दिसंबर 2025 तक होनी है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 दिसंबर को समिति के फैसलों की घोषणा करेंगे।
RBI के अनुसार एचडीएफसी बैंक में कुछ अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें बैंक ने एक ही कैटेगरी के लोन पर कई बेंचमार्क अपनाए, जो दिशा-निर्देशों के विरुद्ध है। RBI ने कहा कि यह जुर्माना केवल नियामकीय कमियों पर आधारित है।
लोगों के मोबाइल फोन पर RBI के नाम से वॉइसमेल आ रहे हैं। इस वॉइसमेल में लोगों को चेतावनी दी जा रही है कि उनका बैंक खाता ब्लॉक कर दिया जाएगा।
आरबीआई ने आवेदन लौटाने के ठोस कारण स्पष्ट रूप से नहीं बताए हैं। हालांकि बैंक का कहना है कि यह 'रिटर्न' है, न कि 'रिजेक्शन'। बैंक अब इस सप्ताह आरबीआई के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेगा।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि मसौदा 'भारतीय रिजर्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी बाजार ऋण) दिशानिर्देश, 2025' ऐसे लोन को नियंत्रित करने वाले नियमों को तर्कसंगत और एकीकृत करने का प्रयास करता है।
आरबीआई का घोषित रुख ये है कि वो रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट के किसी स्तर या दायरे को लक्षित नहीं करता बल्कि विदेशी मुद्रा बाजार में केवल तभी हस्तक्षेप करता है जब अत्यधिक अस्थिरता हो।
वित्त मंत्री ने अधिकारियों से 3 महीने के अभियान के दौरान इन बिना दावे वाली संपत्तियों को उनके असली मालिकों तक पहुंचाने के लिए तीन पहलुओं- जागरूकता, पहुंच और कार्रवाई - पर काम करने का आग्रह किया।
पुराने नियम के तहत, चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) 2 दिनों के साइकल में चेक की प्रोसेसिंग करता था। सीटीएस चेक क्लियरेंस का एक इलेक्ट्रॉनिक प्रोसेस है।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि 2025-26 के दौरान अब तक मुद्रास्फीति की स्थिति अनुकूल बनी हुई है, और वास्तविक परिणाम अनुमान से काफी कम रहे हैं।
29 सितंबर से जारी एमपीसी की मीटिंग का आज आखिरी दिन है, जिसमें आरबीआई गवर्नर ने यह ऐलान किया।
तत्काल बदलावों से बैंकों को लोन देने में ज्यादा छूट मिलेगी। ब्याज दरों के अंतर को अब जल्दी समायोजित किया जा सकता है और कुछ ग्राहक शुल्कों में 3 साल के लिए लॉक-इन के बजाय कभी भी कटौती की जा सकती है।
RBI अधिनियम, 1934 के अनुसार, केंद्रीय बैंक में चार डिप्टी गवर्नर होने चाहिए-दो अपने ही रैंक से, एक वाणिज्यिक बैंकिंग क्षेत्र से, और एक अर्थशास्त्री जो मौद्रिक नीति विभाग का नेतृत्व करे।
आरबीआई के नेतृत्व में एमपीसी की बैठक में इस बार नीतिगत दरों को लेकर कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना कम है, लेकिन विशेषज्ञों की राय और आर्थिक आंकड़े आने वाले महीनों में ब्याज दरों में संभावित नरमी की ओर इशारा कर रहे हैं। EMI सस्ती होगी या नहीं, इसका फैसला 1 अक्टूबर को RBI की नीति घोषणा से साफ होगा।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) 29 सितंबर से 3 दिन तक विचार-विमर्श के लिए बैठक करेगी।
एसएमएफजी जापान का दूसरा सबसे बड़ा बैंकिंग ग्रुप है। इसकी दिसंबर, 2024 तक कुल संपत्ति 2000 अरब डॉलर थी।
येस बैंक ने शनिवार को एक एक्सचेंज फाइलिंग में SMBC की हिस्सेदारी को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया था, जिसकी वजह से आज बैंक के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने 12 अगस्त 2025 को पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 के तहत ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की परमिशन दी है। कंपनी ने मार्च 2020 में इसके लिए आवेदन किया था।
आरबीआई से लाइसेंस मिलने के साथ ही एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को अब अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए हरी झंडी भी मिल गई है।
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