1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. India-New Zealand FTA : डेयरी उत्पाद, सब्जी समेत इन चीजों पर कोई रियायत नहीं देगा भारत, चेक करें डिटेल्स

India-New Zealand FTA : डेयरी उत्पाद, सब्जी समेत इन चीजों पर कोई रियायत नहीं देगा भारत, चेक करें डिटेल्स

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Dec 22, 2025 10:31 pm IST,  Updated : Dec 22, 2025 10:31 pm IST

भारत ने कुछ कृषि उत्पादों में एक सीमित बाजार पहुंच दी है, लेकिन इसे ‘शुल्क दर कोटा’ और न्यूनतम आयात मूल्य के साथ जोड़ा गया है।

India-New Zealand FTA, FTA, free trade agreement, trade deal, trade agreement, india new zealand tra- India TV Hindi
कोटा से ज्यादा आयात होने पर लागू होगा एमआईपी Image Source : HTTPS://X.COM/PIYUSHGOYAL

भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर समझौता हो गया। दोनों देशों ने सोमवार को एफटीए पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की और बताया कि 3 महीने के अंदर समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। भारत ने न्यूजीलैंड के साथ हुए इस एफटीए में किसानों और MSME के हितों का खास ध्यान रखा है। डेयरी, पशु उत्पाद, सब्जियां, चीनी, तांबा और एल्युमिनियम जैसे कई महत्वपूर्ण चीजों पर न्यूजीलैंड को कोई भी शुल्क रियायत नहीं दिया जाएगा। इस समझौते के अगले साल लागू होने की उम्मीद है। समझौते के तहत, जिन उत्पादों को ‘शुल्क रियायत सूची’ से बाहर रखा गया है, उनमें डेयरी उत्पाद (दूध, क्रीम, दही, पनीर), पशु उत्पाद (भेड़ के मांस को छोड़कर), सब्जी उत्पाद (प्याज, चना, मटर, मक्का), चीनी, कृत्रिम शहद और पशु, वनस्पति या सूक्ष्मजीव आधारित वसा एवं तेल शामिल हैं।

इन चीजों पर भी न्यूजीलैंड को नहीं मिलेगी कोई रियायत

इनके अलावा, भारत हथियार और गोला-बारूद, रत्न एवं आभूषण, तांबा और उससे बने उत्पाद और एल्युमिनियम एवं उससे संबंधित दूसरी चीजों पर भी न्यूजीलैंड को शुल्क रियायत नहीं देगा। हालांकि, कुछ कृषि उत्पादों में भारत ने सीमित बाजार पहुंच दी है, लेकिन इसे ‘शुल्क दर कोटा’ (टीआरक्यू) और न्यूनतम आयात मूल्य (एमआईपी) के साथ जोड़ा गया है। इनमें मनुका शहद, सेब, कीवी फल और दवाओं में इस्तेमाल होने वाला एल्ब्यूमिन शामिल हैं। वर्तमान में न्यूजीलैंड के खास उत्पाद मनुका शहद पर 66 प्रतिशत शुल्क लगता है। समझौते के तहत भारत इस शहद के सालाना 200 टन तक आयात पर रियायत देगा, जिसमें एमआईपी 20 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोग्राम तय किया गया है। इस पर 5 साल में 75 प्रतिशत तक शुल्क कटौती की जाएगी।

कोटा से ज्यादा आयात होने पर लागू होगा एमआईपी

कोटा से ज्यादा आयात पर एमआईपी 30 डॉलर प्रति किलोग्राम होगा। सेब के मामले में मौजूदा शुल्क 50 प्रतिशत है। पहले साल में 32,500 टन और छठे साल तक 45,000 टन तक सेब आयात पर 25 प्रतिशत शुल्क और 1.25 डॉलर प्रति किलोग्राम का एमआईपी लागू होगा। हालांकि, इस कोटा से ज्यादा आयात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगेगा। इसी तरह, कीवी फल पर पहले साल 6250 टन और छठे साल तक 15,000 टन के लिए शून्य शुल्क के साथ 1.80 डॉलर प्रति किलोग्राम एमआईपी तय किया गया है। एल्ब्यूमिन के लिए भी सीमित कोटा के बाद सामान्य शुल्क लागू रहेगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा