ट्रेड वॉर के दौर में खाड़ी देश भारत के लिए एक प्रमुख और बड़े बाजार के रूप में उभर रहे हैं। इस बीच भारत और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल ने FTA के लिए औपचारिक रूप से बातचीत शुरू करने के लिए संदर्भ की शर्तों पर हस्ताक्षर किए हैं।
यूरोपीय देश अभी तक भारतीय कपड़ों के निर्यात पर 9 प्रतिशत से लेकर 12 प्रतिशत तक की ड्यूटी लगाते हैं। एफटीए लागू होने के बाद भारतीय कपड़े के निर्यात पर ये ड्यूटी घटकर शून्य हो जाएगी।
भारत ने FTA की बातचीत में EU को जिन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की इम्पोर्ट ड्यूटी में छूट नहीं दी, उनमें डेयरी, चावल, गेहूं, दालें, चाय, कॉफी और जेनेटिकली मॉडिफाइड उत्पाद जैसे संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं।
अधिकारी ने कहा कि ये कोटा मुख्य रूप से यूरोपीय संघ की पुरानी और मशहूर कार कंपनियों को दिया जाएगा। भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को इस समझौते पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता होने से अमेरिका की बौखलाहट बढ़ गई है। भारत-ईयू डील के बाद अमेरिका ने एच-1बी वीजा को लेकर बड़ा ऐलान किया है, जिसका सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर पड़ सकता है।
भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच 'मदर ऑफ ऑल डील' यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बातचीत हुई है। राज्यवार देखिए किस राज्य से क्या स्पेशल प्रोजेक्ट यूरोप में एक्सपोर्ट किया जाएगा।
ऑटोमोबाइल और स्टील को छोड़कर, भारत के लगभग सभी सामानों (93 प्रतिशत से ज्यादा) को यूरोपीय संघ में जीरो-टैरिफ के साथ एंट्री मिलेगी।
समझौते के तहत, यूरोप से आने वाली महंगी वाइन पर वसूला जाने वाला टैक्स अगले 7 सालों में 150 प्रतिशत से घटकर 20-30 प्रतिशत हो जाएगा।
भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ के बीच हुए एफटीए के तहत यूरोप से इंपोर्ट होने वाली लग्जरी गाड़ियों पर वसूला जाने वाला सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी 110 प्रतिशत से घटकर सिर्फ 10 प्रतिशत रह जाएगा।
भारत अभी यूरोप से आयात की जाने वाली 40,000 डॉलर से कम कीमत वाली यात्री कारों पर 70 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगाता है, जबकि 40,000 डॉलर से ज्यादा कीमत वाली कारों पर 110 प्रतिशत का भारी-भरकम सीमा शुल्क वसूलता है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए इस ऐतिहासिक एफटीए को लेकर जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि इस समझौते के तहत परिधान, रसायन और जूते-चप्पल जैसे कई घरेलू क्षेत्रों को 27 देशों के इस समूह में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा।
भारत और EU के बीच मौजूदा समय में सालाना 180 अरब यूरो से अधिक का व्यापार होता है। इस डील से यूरोप के साथ-साथ भारतीय ग्राहकों को भी बड़ा फायदा मिलने वाला है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता कई अवसर पैदा करके भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर सम्मेलन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी करेंगे।
देश के कुल पैसेंजर कार सेगमेंट में लक्जरी कारों की हिस्सेदारी सिर्फ 1 प्रतिशत है।
यूरोपीय संघ अपने ऑटोमोबाइल और वाइन सहित मादक पेय पदार्थों के लिए शुल्क में कटौती की मांग कर रहा है।
यूरोपिय यूनियन और भारत के बीच होने जा रहा यह समझौता चार सालों में भारत का नौवां फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA होगा, जो ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड और दूसरे देशों के साथ हुए कई समझौतों के बाद होने जा रहा है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता होने वाला है। भारत-यूरोपीय संघ के बीच होने वाला यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के लिए बड़ा झटका होगा।
गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ की एक सैन्य टुकड़ी भी हिस्सा लेगी, जिसमें ईयू सैन्य स्टाफ का ध्वज और इसके नौसैनिक अभियानों ‘ऑपरेशन अटलांटा’ और ‘एस्पाइड्स’ के झंडे शामिल होंगे।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर मुहर लग जाने के बाद प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे अपने देश की बड़ी उपलब्धि बताया है।
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