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सस्ती होगी बीयर-शराब, कीमतों में आएगी भारी गिरावट, चेक करें डिटेल्स

Edited By: Sunil Chaurasia Published : Jan 27, 2026 07:34 pm IST, Updated : Jan 27, 2026 07:34 pm IST

समझौते के तहत, यूरोप से आने वाली महंगी वाइन पर वसूला जाने वाला टैक्स अगले 7 सालों में 150 प्रतिशत से घटकर 20-30 प्रतिशत हो जाएगा।

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Photo:FREEPIK 150 से घटकर 20 प्रतिशत तक हो जाएगा टैक्स

भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत पूरी होने की घोषणा की। एक अधिकारी ने बताया कि इस समझौते के तहत परिधान, रसायन और जूते-चप्पल जैसे कई घरेलू क्षेत्रों को 27 देशों के यूरोपीय संघ में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। वहीं, यूरोपीय संघ (ईयू) को कार और वाइन के लिए रियायती शुल्क पर भारतीय बाजार तक पहुंच प्राप्त होगी। दो दशकों से ज्यादा समय तक चली बातचीत के बाद संपन्न हुए इस समझौते को 'अबतक का सबसे बड़ा’ समझौता कहा जा रहा है। ये लगभग दो अरब लोगों का बाजार तैयार करेगा। इस एफटीए के तहत भारत, यूरोपीय देशों से आयात की जाने वाली शराब पर वसूले जाने वाले टैक्स में बड़ी कटौती करेगा।

150 से घटकर 20 प्रतिशत तक हो जाएगा टैक्स

समझौते के तहत, यूरोप से आने वाली महंगी वाइन पर वसूला जाने वाला टैक्स अगले 7 सालों में 150 प्रतिशत से घटकर 20-30 प्रतिशत हो जाएगा। बीयर पर 110 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत और स्पिरिट पर 40 प्रतिशत टैक्स लगेगा। हालांकि, 2.5 यूरो से कम की वाइन के लिए कोई रियायत नहीं होगी। यूरोपीय संघ की प्रमुख वस्तुओं जिन्हें शुल्क रियायत मिलेगी उनमें वाहन, वाइन, स्पिरिट, बीयर, जैतून का तेल, कीवी और नाशपाती, फलों के रस, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ जैसे ब्रेड, पेस्ट्री, बिस्कुट, पास्ता, चॉकलेट, पेट फूड, भेड़ का मांस, सॉसेज और अन्य मांस उत्पाद शामिल हैं। इन वस्तुओं पर इस समय 33 प्रतिशत से 150 प्रतिशत तक का शुल्क लगता है।

भारतीय ऑटोमोबाइल के लिए चरणबद्ध तरीके से शुल्क खत्म करेगा यूरोपीय संघ

ईयू भारतीय ऑटोमोबाइल के लिए चरणबद्ध तरीके से शुल्क समाप्त करेगा, जबकि भारत ईयू की कारों के लिए शुल्क घटाकर 10 प्रतिशत कर देगा, जो प्रति वर्ष 2.5 लाख के कोटे के अधीन होगा। समझौते के तहत मशीनरी और इलेक्ट्रिकल उपकरण, विमान और अंतरिक्ष यान, ऑप्टिकल, मेडिकल और सर्जिकल उपकरण, प्लास्टिक, रसायन, लोहा और इस्पात, तथा फार्मा जैसे ईयू सामानों को भारतीय बाजारों में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। भारत डेयरी (पनीर सहित), सोया मील और अनाज क्षेत्रों में कोई शुल्क रियायत नहीं देगा। 

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