Friday, February 06, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. 'चुनाव हारने के बाद अदालत का सहारा न लें', प्रशांत किशोर की जन सुराज को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई कड़ी फटकार

'चुनाव हारने के बाद अदालत का सहारा न लें', प्रशांत किशोर की जन सुराज को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई कड़ी फटकार

जन सुराज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बिहार चुनाव 2025 रद्द करने की मांग की थी। उनका कहना था कि मतदान से ठीक पहले महिला रोजगार योजना के पैसे महिलाओं को मिले थे।

Reported By : Atul Bhatia Edited By : Shakti Singh Published : Feb 06, 2026 11:50 am IST, Updated : Feb 06, 2026 12:18 pm IST
Prashant Kishor- India TV Hindi
Image Source : PTI प्रशांत किशोर

सुप्रीम कोर्ट ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को कड़ी फटकार लगाई है और कहा है कि चुनाव हारने के बाद किसी को अदालत का सहारा नहीं लेना चाहिए। बिहार चुनाव 2025 में करारी हार के बाद प्रशांत किशोर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि महिला रोजगार योजना के पैसे मतदान से ठीक पहले महिलाओं के खाते में आए। इस वजह से चुनाव प्रभावित हुआ। हालांकि, चुनाव आयोग ने याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस  जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि जब जनता आपको नकार दे तो आदालत का इस्तेमाल लोकप्रियता पाने के लिए नहीं करना चाहिए।

जन सुराज पार्टी की ओर से दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस याचिका में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को अवैध बताते हुए रद्द करने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा हम नोटिस जारी नही कर सकते। सीजेआई ने कहा कि चुनाव याचिका में एक चुनाव को मुद्दा बनाया जाता है। आप एक ही याचिका में पूरा चुनाव रद्द करने की बात कर रहे हैं। इसकी योग्यता नहीं है।

सीजेआई ने क्या कहा?

जन सुराज पार्टी का पक्ष रख रहे वकील ने कहा कि यह बहुत गंभीर मुद्दा है। अदालत को इसमें हस्तक्षेप कर जवाब तलब करना चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा,"चुनाव हारने के बाद अदालत का सहारा न लें।" मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने सवाल किया कि आपकी राजनीतिक पार्टी को कितने वोट मिले? अदालत ने कहा कि जब जनता चुनाव में नकार देती है, तो फिर अदालत के मंच का इस्तेमाल लोकप्रियता पाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। सीजेआई ने साफ कहा कि कोई चाहे तो योजना को चुनौती दे सकता है, लेकिन यहां मुख्य मांग चुनाव को रद्द करने की है। अदालत ने यह भी कहा कि संबंधित राज्य में हाईकोर्ट मौजूद है, और याचिकाकर्ता को पहले वहीं जाना चाहिए।

बिहार चुनाव में क्या हुआ था?

बिहार में 6 और 11 नवंबर 2025 को मतदान हुए थे। वहीं, महिला रोजगार योजना की लाभार्थियों के खाते में 26 सितंबर से पैसे आने शुरू हो गए थे। अक्टूबर में भी अलग-अलग महिलाओं के खाते में पैसे आए थे। इसी वजह से चुनाव आयोग में आरजेडी ने शिकायत कर इसमें रोक लगाने की मांग की थी।

यह भी पढ़ें-

तमिलनाडुः चेन्नई में फैला बर्ड फ्लू, H5N1 वायरस से सैकड़ों कौवों की मौत; सरकार ने जारी की एडवाइजरी

पहला पेग पीते ही बिगड़ी BJP नेता की तबीयत, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत, साथ में पीने वालों की भी हालत खराब

 

 

 

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement