1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. 50% प्लेन में बार-बार आ रही खराबी, इंडिगो-एयर इंडिया की हालत सबसे ज्यादा खराब, लोकसभा में डराने वाला खुलासा

50% प्लेन में बार-बार आ रही खराबी, इंडिगो-एयर इंडिया की हालत सबसे ज्यादा खराब, लोकसभा में डराने वाला खुलासा

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Feb 06, 2026 09:16 am IST,  Updated : Feb 06, 2026 09:16 am IST

सिविल एविएशन मिनिस्टर ने बताया कि 50 फीसदी विमानों में बार-बार खराबी आ रही है। सबसे खराब हालत इंडिगो और एयर इंडिया के विमानों की है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि जांच सख्त हुई है और बार-बार जांच के कारण मामले बढ़े हैं।

Plane- India TV Hindi
इंडिगो का विमान Image Source : PTI

भारतीय कंपनियों के 50 फीसदी विमानों में बार-बार खराबी आ रही है। यह खुलासा संसद में सिविल एविएशन मिनिस्टर ने किया है। गुरुवार को लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार इंडिगो और एयर इंडिया की हालत सबसे ज्यादा खराब है। सरकार ने बताया कि पिछले साल जनवरी से छह निर्धारित एयरलाइनों के 754 विमानों की जांच की गई। इस दौरान 377 विमान ऐसे पाए गए, जिनमें  बार-बार खराबी आ रही थी।

इंडिगो एयरलाइन के सबसे ज्यादा विमानों की जांच की गई और सबसे ज्यादा गड़बड़ी भी इंडिगो के ही विमानों में पाई गई। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सदन को लिखित जवाब में बताया कि 3 फरवरी तक इंडिगो के 405 विमानों का विश्लेषण किया गया था, जिनमें से 148 में बार-बार होने वाली खराबी पाई गई।

एयर इंडिया की हालत सबसे खराब

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 267 विमानों की जांच हुई। इस दौरान 191 में ऐसी खराबी पाई गई, जो बार-बार होती है। एयर इंडिया के 72 फीसदी प्लेन में बार-बार गड़बड़ी आ रही है। एयर इंडिया के 166 विमानों में से 137 में बार-बार खराबी पाई गई , जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस के 101 विमानों में से 54 में इसी तरह की समस्याएं पाई गईं। स्पाइसजेट के 43 विमानों की जांच की गई और 16 में बार-बार होने वाली खराबी पाई गई, जबकि अकासा एयर के 32 विमानों में से 14 में खामियां पाई गईं।

एयर इंडिया ने बताई वजह

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने इन आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एयरलाइन ने अत्यधिक सावधानी बरतते हुए अपने पूरे बेड़े में व्यापक जांच की थी, जिसके कारण विमानों में बार-बार होने वाली गड़बड़ी की संख्या में वृद्धि हुई। प्रवक्ता ने कहा, "हमने एहतियात के तौर पर अपने पूरे बेड़े की जांच की है। इसलिए, संख्या अधिक है।" एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिकतर विमानों में गड़बड़ी उन उपकरणों में आई है, जिनकी प्राथमिकता बेहद कम है। विमान प्रणालियों को ए से डी कैटेगरी में बांटा जाता है और एयर इंडिया की अधिकांश समस्याएं डी कैटेगरी में आती हैं। अधिकारी ने कहा, "एयर इंडिया के मामले में अधिकांश समस्याएं डी कैटेगरी से संबंधित हैं, जिसमें सीटें, ट्रे टेबल, स्क्रीन आदि जैसी चीजें शामिल हैं। इनका विमान की सुरक्षा से कोई संबंध नहीं है।"

डीजीसीए ने बढ़ाई जांच

एयरलाइन ऑडिट के साथ-साथ, विमानन नियामक डीजीसीए ने पिछले साल जांच तेज कर दिया। मोहोल ने कहा कि नियामक ने नियोजित निगरानी के तहत 3,890 निगरानी निरीक्षण, 56 नियामक ऑडिट, 84 विदेशी विमानों की निगरानी जांच और 492 रैंप निरीक्षण किए। इसके अलावा, डीजीसीए ने अनियोजित निगरानी के तहत 874 स्पॉट चेक और 550 रात्रि निरीक्षण किए। मानव संसाधन के संबंध में मंत्री ने कहा कि डीजीसीए के पास 2022 में 637 स्वीकृत तकनीकी पद थे। कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए पुनर्गठन किया गया है और स्वीकृत तकनीकी पदों की संख्या बढ़ाकर 1,063 कर दी गई है।

यह भी पढ़ें-

यूपी में प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं तो ध्यान दें, सरकार ने बदल दिया नियम, PAN कार्ड के बगैर अब नहीं होगी रजिस्ट्री

मणिपुर में सरकार गठन के 24 घंटे बाद ही भड़की हिंसा, कुकी समूहों ने बुलाया बंद, विधायकों को दी चेतावनी

 

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत