मनोरंजन की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार और आकर्षक नजर आती है, अंदर से उतनी ही कठिन और थकाने वाली भी होती है। यहां नाम और पहचान बनाना आसान नहीं होता। इसके लिए कलाकारों को सालों तक संघर्ष, असफलताओं और मानसिक दबाव से गुजरना पड़ता है। कई लोग इस लंबी मेहनत के बाद सफलता हासिल करते हैं और उसी में रम जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो शोहरत की ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद भी सब कुछ छोड़कर एक बिल्कुल अलग रास्ता चुन लेते हैं। टीवी और फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस नुपुर अलंकार भी ऐसी ही एक शख्सियत हैं, जिन्होंने ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कहकर आध्यात्म और संन्यास का मार्ग अपनाया।
157 टीवी शोज से बनाई खास पहचान
नुपुर अलंकार ने वर्षों तक छोटे पर्दे पर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने करीब 157 टीवी शोज में काम किया और अपनी मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में एक खास मुकाम हासिल किया। अपने करियर के दौरान वह लगातार काम करती रहीं और दर्शकों के बीच एक जाना-पहचाना चेहरा बन गईं। सफलता मिलने के बावजूद उनके भीतर आध्यात्मिक तलाश बनी रही, जो समय के साथ और गहरी होती चली गई।
2022 में एक्टिंग को कहा अलविदा
साल 2022 में नुपुर ने अचानक एक्टिंग छोड़ने का फैसला लेकर सभी को हैरान कर दिया। यह निर्णय किसी एक पल में नहीं लिया गया था, बल्कि इसके पीछे वर्षों का आत्ममंथन और अंदरूनी बदलाव छिपा था। गुरु शंभू शरण झा के मार्गदर्शन में उन्होंने संन्यास दीक्षा ली और अपने जीवन को पूरी तरह आध्यात्म के लिए समर्पित कर दिया। साल 2023 में अपने आखिरी वीडियो में नुपुर ने ऐलान किया है कि वो हिमालय पर जा रही हैं और वहीं अज्ञातवास करेंगी। उन्होंने वीडियो के जरिए ये सूचना अपने फैंस को दी है। उन्होंने बताया कि ये उनकी आखिरी पोस्ट है और वो अब एक लंबे अंतराल के बाद लोगों से दोबारा मुलाकात करेंगी। ये मुलाकात अब कब होगी इसके बारे में उन्होंने कोई जानकारी साझा नहीं की है। फिलहाल इस पोस्ट के बाद उनका कोई दूसरा पोस्ट भी सामने नहीं आया।
यहां देखें वीडियो
‘अब दिखावे से दूर सच्ची शांति है’
एक इंटरव्यू में नुपुर अलंकार ने अपने इस बदलाव को पूरी तरह प्राकृतिक बताया। उन्होंने कहा कि उनका झुकाव हमेशा से अध्यात्म की ओर रहा है और अब उन्होंने खुद को पूरी तरह प्रभु को समर्पित कर दिया है। नुपुर के मुताबिक, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री दिखावे और बनावटीपन से भरी हुई है, जबकि संन्यासी जीवन में उन्हें सच्ची शांति और आत्मिक संतोष मिलता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें अब एक्टिंग की दुनिया की कोई कमी महसूस नहीं होती।
मां के निधन ने बदली जिंदगी की दिशा
नुपुर के जीवन में यह बदलाव उनकी मां के निधन के बाद और गहरा हो गया। उन्होंने बताया कि मां को खोने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे उनके पास अब खोने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। इस घटना ने उन्हें सांसारिक जिम्मेदारियों और अपेक्षाओं से मुक्त कर दिया। उसी समय उन्होंने यह तय कर लिया कि वह अपना जीवन पूरी तरह ईश्वर को समर्पित करेंगी।
बहनोई के अफगानिस्तान में फंसे होने से टला फैसला
हालांकि नुपुर यह फैसला तुरंत लागू नहीं कर पाईं। उस वक्त उनके बहनोई कौशल अग्रवाल अफगानिस्तान में फंसे हुए थे, जब तालिबान ने वहां कब्जा कर लिया था। इस पारिवारिक संकट के कारण उन्होंने कुछ समय तक अपने निर्णय को टाल दिया। हालात सामान्य होने के बाद ही उन्होंने संन्यास का रास्ता पूरी तरह अपना लिया।

आज जी रही हैं संन्यासी जीवन
आज नुपुर अलंकार का जीवन पूरी तरह बदल चुका है। वह भिक्षा मांगकर भोजन करती हैं, जमीन पर सोती हैं और दिन में केवल एक बार ही भोजन ग्रहण करती हैं। जहां पहले उनका जीवन शूटिंग शेड्यूल, लोकप्रियता और सफलता की चिंता में बीतता था, वहीं अब उनका हर दिन साधना, ध्यान और आत्मिक शांति में गुजरता है।
पति ने भी किया फैसले का सम्मान
नुपुर के इस जीवन निर्णय में उनके पति अलंकार श्रीवास्तव ने भी उनका पूरा साथ दिया। उन्होंने नुपुर को वैवाहिक बंधन से मुक्त कर दिया, ताकि वह बिना किसी बंधन या दबाव के अपने संन्यास मार्ग पर आगे बढ़ सकें। नुपुर अलंकार की यह यात्रा इस बात का उदाहरण है कि सच्ची शांति और संतोष हर इंसान के लिए अलग-अलग रास्तों पर मिलते हैं, और कभी-कभी सब कुछ छोड़ देना ही खुद को पाने का सबसे गहरा अनुभव बन जाता है।
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