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Vaihav Laxmi Vrat Vidhi: पहली बार कर रहे हैं वैभव लक्ष्मी व्रत? जानिए पूजा विधि और शुक्रवार व्रत रखने के फायदे

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Feb 05, 2026 09:00 pm IST,  Updated : Feb 05, 2026 09:09 pm IST

Vaibhav Laxmi Vrat Vidhi: धन और वैभव की प्राप्ति के लिए वैभव लक्ष्मी का व्रत रखा जाता है। शुक्रवार के दिन किए जाने वाले इस व्रत की पूजा में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, वरना व्रत का पूरा फल नहीं मिलता। तो चलिए जानते हैं वैभव लक्ष्मी व्रत की विधि और इस व्रत को करने के लाभ क्या हैं।

Vaibhav Lakshmi vrat vidhi- India TV Hindi
वैभव लक्ष्मी व्रत की विधि और इस व्रत को करने के लाभ Image Source : INDIA TV

Vaibhav Laxmi Vrat Vidhi: आर्थिक समृद्धि, मानसिक शांति और पारिवारिक सुख-शांति के लिए वैभव लक्ष्मी का व्रत किया जाता है। शुक्रवार के दिन यह व्रत रखा जाता है, जो धन की देवी मां लक्ष्मी के वैभव रूप को समर्पित है। अगर आप पहली बार यह व्रत रखने जा रहे है तो यहां जानिए वैभव लक्ष्मी व्रत की विधि और इसका महत्व क्या है। इसके साथ ही शुक्रवार को वैभव लक्ष्मी व्रत रखने के फायदे भी जानिए। 

कौन कर सकता है मां वैभव लक्ष्‍मी का व्रत?

हर शुक्रवार मां वैभव लक्ष्‍मी का व्रत कोई भी रख सकता है। लेकिन जो लोग लंबे समय से आर्थिक संकटों का सामना कर रहे हैं और तमाम कोशिशों के बाद भी आर्थिक तंगी से राहत नहीं मिल रही है, उन्हें खास तौर पर वैभव लक्ष्मी का व्रत करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा जो लोग भविष्य में भी धन-धान्य की कमी से नहीं जूझना चाहते, वे भी शुक्रवार को मां वैभव लक्ष्मी का व्रत कर सकते हैं। 

वैभव लक्ष्मी व्रत का मत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धन की देवी माता लक्ष्‍मी के 8 स्‍वरूपों में से एक हैं वैभव लक्ष्‍मी। मां के इस स्‍वरूप की उपासना करने से व्यक्ति के जीवन से दरिद्रता दूर होती है और घर में वैभव बना रहता है। किसी काम में आ रही अटकलों और आर्थिक संकट से छुटकारा पाने के लिए शुक्रवार के दिन वैभव लक्ष्मी का व्रत करने की मान्यता है। 

कब से शुरू करना चाहिए वैभव लक्ष्मी व्रत?

सच्चे मन और श्रद्धा के साथ किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के शुक्रवार से इस व्रत की शुरुआत की जा सकती है। व्यक्ति अपनी इच्छा और परिस्थितियों के अनुसार 11 या 21 शुक्रवारों तक यह व्रत करने का संकल्प ले सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मलमास या खरमास में व्रत रखने की शुरुआत या उद्यापन नहीं करना चाहिए। 

वैभव लक्ष्मी व्रत विधि

  • जो व्‍यक्ति पहली बार मां वैभव लक्ष्‍मी का व्रत रख रहा है उसे सबसे पहले शुक्रवार के दिन सुबह सबसे पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनना चाहिए। इसके बाद देवी लक्ष्‍मी की पूजा करके व्रत का संकल्‍प लें।
  • आप 9, 11 और 21 शुक्रवार के व्रत का संकल्‍प ले सकते हैं। इसके बाद उतने शुक्रवार पूरी श्रद्धा के साथ मां वैभव लक्ष्‍मी का व्रत रखें और फिर व्रत के अंतिम शुक्रवार को इसका विधि-विधान से उद्यापन करें।
  • शक्रवार व्रत के दिन सुबह स्‍नान करके साफ वस्‍त्र पहनें और देवी लक्ष्‍मी के वैभव स्‍वरूप की पूजा करें। इसके बाद पूरा दिन उपवास करें और फलाहार ग्रहण करें। 
  • व्रत वाले दिन मन में किसी के लिए भी बुरे विचार न लाएं, ईर्ष्‍या-द्वेष की भावना से दूर रहें, लड़ाई-झगड़ा और विवाद न करें, इससे आपका व्रत खंडित हो सकता है।
  • शाम को सूर्य अस्‍त होने से पहले स्नान आदि करके या मुंह हाथ धोकर पूजा की तैयारी कर लें। पूजा के लिए गुलाबी कनेर के ताजे फूलों का इंतजाम जरूर करें, ये माता को बेहद प्रिय होते हैं। 
  • इसके लिए पूर्व दिशा में मुंह करके स्वच्छ आसान पर बैठें। एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और उस पर मां वैभव लक्ष्‍मी की प्रतिमा या तस्‍वीर रखें। अगर आपके पास लक्ष्‍मी श्रीयंत्र है तो इसे भी साथ रखें।
  • अब प्रतिमा या तस्‍वीर के आगे मुट्ठी भर चावल रखें और उस पर जल से भरा तांबे का कलश रखें। कलश पर एक कटोरी रखें और उसमें सोने या चांदी का एक गहना रखें, गहना नहीं है तो आप इसकी जगह कुछ पैसे भी रख सकते हैं।
  • अब मां वैभव लक्ष्‍मी को लाल चंदन का तिलक लगाएं, कनेर या लाल रंग का कोई पुष्‍प चढ़ाएं। 
  • अगर हो सके तो माता को चावल की खीर का भोग लगाए, न संभव हो तो चीनी या गुड़ भी प्रसाद के तौर पर पूजा में शामिल कर सकते हैं।
  • अब पूरे मन से वैभव लक्ष्‍मी व्रत की कथा पढ़ें। इस दौरान अपने घर के अन्य सदस्‍यों को भी पूजा में शामिल करें।
  • वैभव लक्ष्‍मी व्रत कथा का पाठ पूरा करने के बाद गणेश जी और लक्ष्‍मी जी की आरती करें और सभी को प्रसाद बाटें।
  • पूजा होने के बाद देवी लक्ष्‍मी के आगे अपनी मनोकामना रखें और उसे पूरा करने की प्रार्थना करें।
  • अब पूजा के चावलों को अगली सुबह पक्षियों को खाने के लिए दे दें और कलश का जल घर के हर कोने में छिड़क दें, इससे घर में मौजूद नकारात्मक‍मक ऊर्जा दूर होती है। बाकी का जल किसी पौधे में डाल दें। 
  • इसके बाद आप हल्का और सात्विक भोजन ग्रहण करें।

वैभव लक्ष्मी व्रत करने से लाभ

वैभव लक्ष्मी व्रत करने से आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है। घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। व्रती का मानसिक संतुलन और आत्मिक शुद्धता बनी रहती है। व्यवसाय और नौकरी में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। मान्यता है कि पूरी श्रद्धा, नियम और सात्विकता से वैभव लक्ष्मी व्रत करने से जीवन में धन की नहीं होती, आपकी प्रतिष्ठा बढ़ती है और जीवन में शांति आती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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