साउथ सिनेमा बीते कुछ सालों से सिर्फ एक्शन या मसाला फिल्मों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसने ऐसी दमदार कहानियां भी पेश की हैं जो समाज, राजनीति और सिस्टम की सच्चाइयों को बेबाकी से सामने रखती हैं। ऐसी ही एक शक्तिशाली क्राइम पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म है ‘विदुथलाई: पार्ट 1’, जिसने रिलीज के बाद दर्शकों और क्रिटिक्स, दोनों को गहराई से प्रभावित किया। साल 2023 में आई इस फिल्म को IMDb पर 8.2 की शानदार रेटिंग मिली है। यह फिल्म सिर्फ एक क्राइम इन्वेस्टिगेशन ड्रामा नहीं है, बल्कि सत्ता, पुलिसिया बर्बरता और आम आदमी के संघर्ष की एक कड़वी लेकिन जरूरी तस्वीर पेश करती है।
फिल्म का नाम और कहानी
फिल्म का नाम ‘विदुथलाई: पार्ट 1’ है और इसकी कहानी 1980 के दशक के सामाजिक-राजनीतिक माहौल में सेट की गई है। फिल्म की कथा कुमारेशन (सूरी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी भर्ती पुलिस विभाग में एक साधारण ड्राइवर के तौर पर होती है। कुमारेशन एक ईमानदार, सीधा-सादा युवक है, जो पुलिस की वर्दी और कानून का सम्मान करता है। वह अपने काम को सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी समझता है। कहानी का दूसरा अहम पक्ष एक अलगाववादी संगठन ‘पीपुल्स आर्मी’ और उसके रहस्यमयी नेता पेरुमल उर्फ ‘वाथियार’ (विजय सेतुपति) से जुड़ा है।
दिलचस्प है आगे की कहानी
सरकार और पुलिस वाथियार को पकड़ने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करती है, जिसे नाम दिया जाता है ‘ऑपरेशन घोस्ट हंट’, लेकिन इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस जिन तरीकों को अपनाती है, वे कानून और मानवता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। जैसे-जैसे ऑपरेशन आगे बढ़ता है, पुलिस आम लोगों पर अत्याचार करती है, निर्दोषों को प्रताड़ित किया जाता है और पूरे सिस्टम का क्रूर चेहरा सामने आने लगता है। इसी हिंसा और राजनीति के बीच कुमारेशन फंस जाता है। अब उसके सामने सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि वह अपनी वर्दी और आदेशों का पालन करे या अपने इंसान होने की आवाज़ सुने। फिल्म इसी नैतिक संघर्ष को बेहद प्रभावशाली ढंग से दिखाती है।
‘विदुथलाई: पार्ट 1’ क्यों देखनी चाहिए?
इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी परफॉर्मेंस और निर्देशन है। सूरि, जिन्हें अब तक तमिल सिनेमा में कॉमेडी रोल्स के लिए जाना जाता था, इस फिल्म में पूरी तरह चौंका देते हैं। कुमारेशन के किरदार में उनकी मासूमियत, डर, उलझन और अंदरूनी संघर्ष बहुत सच्चा महसूस होता है। पुलिस ट्रेनिंग के दौरान मिली बेइज्जती और सिस्टम के दबाव को वह अपनी आंखों और बॉडी लैंग्वेज से बखूबी दर्शाते हैं। विजय सेतुपति भले ही फिल्म में सीमित समय के लिए नजर आते हों, लेकिन उनकी मौजूदगी कहानी की आत्मा है। ‘वाथियार’ के रूप में उनका किरदार रहस्यमय, प्रभावशाली और विचारोत्तेजक है। उनके डायलॉग्स और विचार फिल्म को वैचारिक गहराई देते हैं। फिल्म का निर्देशन मजबूत है और यह दर्शक को असहज सवालों से रूबरू कराता है।
कहां देख सकते हैं यह फिल्म?
‘विदुथलाई: पार्ट 1’ हिंदी डबिंग के साथ ZEE5 और प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है। अगर आप ऐसी फिल्में पसंद करते हैं जो सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सोचने पर मजबूर करें और लंबे समय तक असर छोड़ें तो यह फिल्म जरूर देखें।
क्या इसका दूसरा पार्ट भी है?
जी हां, इस फिल्म का दूसरा भाग ‘विदुथलाई: पार्ट 2’ साल 2024 में रिलीज़ हुआ था। IMDb पर इसे 7.6 रेटिंग मिली है, जबकि Rotten Tomatoes ने इसे 70% रेट किया है। पार्ट 1 देखने के बाद आप ZEE5 पर ही इसका दूसरा भाग भी देख सकते हैं, जिससे पूरी कहानी का विस्तार समझ में आता है।
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