Thursday, January 29, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. EU के साथ FTA की बातचीत में मोदी सरकार ने रखा किसानों का खास ख्याल, जानिए किन प्रोडक्ट्स से नहीं हटाया आयात शुल्क

EU के साथ FTA की बातचीत में मोदी सरकार ने रखा किसानों का खास ख्याल, जानिए किन प्रोडक्ट्स से नहीं हटाया आयात शुल्क

भारत ने FTA की बातचीत में EU को जिन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की इम्पोर्ट ड्यूटी में छूट नहीं दी, उनमें डेयरी, चावल, गेहूं, दालें, चाय, कॉफी और जेनेटिकली मॉडिफाइड उत्पाद जैसे संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं।

Edited By: Vinay Trivedi
Published : Jan 29, 2026 07:15 am IST, Updated : Jan 29, 2026 07:15 am IST
india eu fta- India TV Hindi
Image Source : PTI (फाइल फोटो) भारत और EU की FTA पर बातचीत फाइनल स्टेज पर पहुंच गई है।

India EU FTA: भारत ने यूरोपियन यूनियन के साथ FTA की बातचीत अपनी शर्तों पर की है। भारत ने अपने डेयरी, गेहूं, दालें, चावल, जेनेटिकली मॉडिफाइड उत्पाद, चाय और कॉफी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की पूरी तरह सुरक्षित किया है। भारत ने FTA के तहत इसपर से किसी भी प्रकार की इम्पोर्ट ड्यूटी में छूट नहीं दी है। मंत्रालय ने ये भी बताया कि भारत ने मछली और समुद्री उत्पाद, पोल्ट्री, चीज़, मक्का, कॉर्न, मेवे, खाद्य तेल, फल, सब्जियां, मसाले और तंबाकू जैसे कई अन्य संवेदनशील सेक्टर्स को भी सुरक्षित रखा है।

छोटे और सीमांत किसानों का रखा ध्यान

जान लें कि मोदी सरकार का यह स्टेप इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका जुड़ी है। भारत ने किसी भी देश के साथ FTA में डेयरी सेक्टर को कभी भी इम्पोर्ट ड्यूटी में छूट नहीं दी। एक अधिकारी ने बताया कि हम इस सेक्टर को हमेशा सुरक्षित रखेंगे।

EU ने किन प्रोडक्ट्स को डील से रखा बाहर?

FTA को लेकर भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को अपनी बातचीत पूरी कर ली है। हो सकता है कि इस समझौते पर इसी साल साइन किए जाएंगे और फिर इसको लागू भी किया जाएगा। यूरोपियन यूनियन ने भी इस डील के दायरे से कुछ सेक्टर्स को बाहर रखा है। 27 देशों के इस ग्रुप ने मांस और मांस से जुड़े प्रोडक्ट्स, शहद, चावल, डेयरी प्रोडक्ट्स, चीनी और तंबाकू जैसी चीजों को सेफ रखा है।

भारत के किन प्रोडक्ट्स को EU में मिलेगी छूट?

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत, भारत के कई एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स को यूरोपियन मार्केट में शुल्क में छूट मिलेगी, जिससे देश के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। भारत को मसाले, टेबल ग्रेप्स, चाय और कॉफी जैसे कृषि उत्पादों की करीब 87 फीसदी टैरिफ लाइनों या उत्पाद श्रेणियों में यूरोपियन मार्केट्स तक प्राथमिक पहुंच मिलेगी।

यूरोपियन यूनियन कुछ समुद्री उत्पादों पर मौजूदा 0 से 26 फीसदी तक के शुल्क को भी कम करेगा, जिससे भारत के समुद्री उत्पादों के एक्सपोर्ट में इजाफा होगा। अभी यूरोपियन यूनियन का समुद्री आयात बाजार करीब 4.67 लाख करोड़ रुपये का है।

ये भी पढ़ें- EXCLUSIVE: भारत-यूरोप के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 'Mother Of All Deal' क्यों, इससे कितना होगा फायदा? एक्सपर्ट से समझें पूरा गणित

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement