यूरोपीय देश अभी तक भारतीय कपड़ों के निर्यात पर 9 प्रतिशत से लेकर 12 प्रतिशत तक की ड्यूटी लगाते हैं। एफटीए लागू होने के बाद भारतीय कपड़े के निर्यात पर ये ड्यूटी घटकर शून्य हो जाएगी।
भारत ने FTA की बातचीत में EU को जिन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की इम्पोर्ट ड्यूटी में छूट नहीं दी, उनमें डेयरी, चावल, गेहूं, दालें, चाय, कॉफी और जेनेटिकली मॉडिफाइड उत्पाद जैसे संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं।
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ने वैश्विक व्यापार के समीकरण बदल दिए हैं। इस समझौते के ऐलान के साथ ही जहां भारतीय उद्योगों में उत्साह की लहर दौड़ गई है, वहीं बांग्लादेश और तुर्की जैसे देशों की चिंता साफ नजर आने लगी है।
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में बढ़ते कदम देश के निर्यात और विनिर्माण क्षेत्र के लिए नई उम्मीद लेकर आए हैं। 27 देशों वाले यूरोपीय समूह द्वारा आयात शुल्क में दी गई रियायतों से भारतीय उत्पाद यूरोप में ज्यादा सस्ते और प्रतिस्पर्धी होंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के सम्मान में भोज दिया।
समझौते के तहत, यूरोप से आने वाली महंगी वाइन पर वसूला जाने वाला टैक्स अगले 7 सालों में 150 प्रतिशत से घटकर 20-30 प्रतिशत हो जाएगा।
भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ के बीच हुए एफटीए के तहत यूरोप से इंपोर्ट होने वाली लग्जरी गाड़ियों पर वसूला जाने वाला सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी 110 प्रतिशत से घटकर सिर्फ 10 प्रतिशत रह जाएगा।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए इस ऐतिहासिक एफटीए को लेकर जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि इस समझौते के तहत परिधान, रसायन और जूते-चप्पल जैसे कई घरेलू क्षेत्रों को 27 देशों के इस समूह में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा।
भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच एक अहम ट्रेड डील का ऐलान होने जा रहा है जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। इस डील से अमेरिका चिढ़ गया है। ट्रंप के मंत्री ने यूरोप को धोखेबाज तक बता दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर सम्मेलन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी करेंगे।
देश के कुल पैसेंजर कार सेगमेंट में लक्जरी कारों की हिस्सेदारी सिर्फ 1 प्रतिशत है।
यूरोपीय संघ अपने ऑटोमोबाइल और वाइन सहित मादक पेय पदार्थों के लिए शुल्क में कटौती की मांग कर रहा है।
यूरोपिय यूनियन और भारत के बीच होने जा रहा यह समझौता चार सालों में भारत का नौवां फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA होगा, जो ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड और दूसरे देशों के साथ हुए कई समझौतों के बाद होने जा रहा है।
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर जिद से यूरोप के देश भी खफा हैं। अब यूरोपियन यूनियन ने संसद ने अमेरिका से साथ हुए ट्रेड डील को सस्पेंड कर दिया है।
गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ की एक सैन्य टुकड़ी भी हिस्सा लेगी, जिसमें ईयू सैन्य स्टाफ का ध्वज और इसके नौसैनिक अभियानों ‘ऑपरेशन अटलांटा’ और ‘एस्पाइड्स’ के झंडे शामिल होंगे।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका की टैरिफ लगाने की ये घोषणा डेनमार्क और अन्य यूरोपीय देशों को ग्रीनलैंड के दर्जे पर बातचीत के लिए दबाव में लाने की रणनीति हो सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड वाली जिद से NATO में दरार पड़ सकती है, और यही उथल-पुथल भारत के लिए सुनहरा मौका बना सकती है। विदेश मामलों के एक्सपर्ट रोबिंदर सचदेव ने इस खास इंटरव्यू में नॉर्थ पोल की पिघलती बर्फ का एक-एक राज खोला।
डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ पॉलिसी क्या अब ‘अमेरिका अलोन’ की तरफ बढ़ रही है? पूरी दुनिया पर इसका असर कैसे पड़ेगा और क्या कोई नया वैश्विक लीडर मिलने वाला है, इन्हीं अहम सवालों के जवाब अमेरिकी मामलों के एक्सपर्ट डॉ. मोनीश तौरंगबाम से इस EXCLUSIVE इंटरव्यू में जानिए।
जामनगर के कॉम्प्लेक्स में दो रिफाइनरियां हैं। एक SEZ यूनिट है जहां से यूरोपीय संघ, अमेरिका और अन्य बाजारों में फ्यूल एक्सपोर्ट किया जाता है और एक पुरानी यूनिट जो मुख्य रूप से घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करती है।
यूरोपीय संघ के नेताओं की साथ जेलेंस्की की बैठक में इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन, पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क समेत कई शीर्ष नेता शामिल हुए।
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