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भारत और यूरोपीय संघ ने मुक्त व्यापार समझौता करने का रखा टारगेट, जानें मोदी-लेयेन में और क्या बात हुई

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman Published : Feb 28, 2025 10:42 pm IST, Updated : Feb 28, 2025 10:42 pm IST

17 साल से भी ज्यादा समय से भारत-ईयू एफटीए जटिल वार्ताओं का विषय रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा वैश्विक वाणिज्य, सतत विकास और समृद्धि को बढ़ावा देगा।

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन।- India TV Paisa
Photo:@NARENDRAMODI X POST नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन।

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को आखिरी रूप देने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर सालों से अटकी हुई बातचीत को लेकर होने वाली प्रगति अहम है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक यह प्रतिबद्धता 28 फरवरी, 2025 को नई दिल्ली में भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच एक बैठक के दौरान जताई गई। दोनों नेताओं ने इस समझौते को पक्का करने की संभावनाओं को लेकर विश्वास व्यक्त किया।

17 साल से भी ज्यादा समय से बात रही बंद

खबर के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच बनी यह सहमति वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े व्यापार समझौतों में से एक होने की उम्मीद है। आपको बता दें कि 17 साल से भी ज्यादा समय से भारत-ईयू एफटीए जटिल वार्ताओं का विषय रहा है। बातचीत शुरू में 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन उन्हें कई बाधाएं आईं। इसमें खासकर टैरिफ मुद्दों, बाजार पहुंच और रेगुलेशन रोड़ा बने। आखिरकार सफलता तब मिली जब लगभग आठ साल बाद साल 2021 में बातचीत फिर से शुरू हुई।

2025 के आखिर तक होगा समझौता

आज की बातचीत के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि दोनों पक्षों ने अपनी टीमों को 2025 के आखिर तक एफटीए को आखिरी रूप देने का निर्देश दिया है, और इस बात पर जोर दिया कि इतने सालों में पहली बार एक डेडलाइन तय की गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने अपनी टीमों को इस पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय समझौते को वर्ष के आखिर तक पूरा करने का काम सौंपा है। राष्ट्रपति वॉन डेर लेयेन ने भी यही भावना दोहराई और एक साहसिक और महत्वाकांक्षी समझौते की जरूरत पर बल दिया, जो दोनों पक्षों के लिए आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।

वॉन डेर लेयेन ने क्या कहा

समझौते को लेकर वॉन डेर लेयेन ने घोषणा की कि यूरोपीय संघ भारत के साथ रक्षा और सुरक्षा समझौता करने पर विचार कर रहा है, जो जापान और दक्षिण कोरिया के साथ यूरोपीय संघ के समान समझौतों के समान है। मोदी ने इस डेवलपमेंट का स्वागत किया और इस बात पर जोर दिया कि हाल के वर्षों में रक्षा और सुरक्षा में भारत-यूरोपीय संघ का सहयोग काफी बढ़ा है। यह साझेदारी हमारे आपसी विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने साइबर सेफ्टी, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी क्षेत्रों को आगे के सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में उजागर किया।

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