अधिकारी ने कहा कि ये कोटा मुख्य रूप से यूरोपीय संघ की पुरानी और मशहूर कार कंपनियों को दिया जाएगा। भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को इस समझौते पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी।
भारत ने कुछ कृषि उत्पादों में एक सीमित बाजार पहुंच दी है, लेकिन इसे ‘शुल्क दर कोटा’ और न्यूनतम आयात मूल्य के साथ जोड़ा गया है।
भारत ने इस साल सबसे पहले यूनाइटेड किंगडम के साथ जुलाई में CETA (कॉम्प्रेहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट) डील की थी।
वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव एल सत्य श्रीनिवास ने कहा कि अगर कुछ मुद्दे जो व्यापार के लिए बहुत अहम नहीं हैं, उन्हें हल करने में कुछ और समय लग सकता है, तो बेहतर है कि मुख्य व्यापार मुद्दों पर ध्यान दिया जाए।
17 साल से भी ज्यादा समय से भारत-ईयू एफटीए जटिल वार्ताओं का विषय रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा वैश्विक वाणिज्य, सतत विकास और समृद्धि को बढ़ावा देगा।
रिपोर्ट में कहा गया, हर कोई भारत के साथ एफटीए करना चाहता है। इसकी मुख्य वजह भारत का उच्च आयात शुल्क है, जिससे इन देशों के लिए भारत के बड़े और तेजी से बढ़ते बाजार तक पहुंच मुश्किल हो जाती है।
भारत और ब्रिटेन के बीच निवेश पर एक अलग समझौते (द्विपक्षीय निवेश संधि) के तहत बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अब केवल कुछ ही मुद्दे बचे हैं। व्यापार एवं निवेश कार्यसमूह (टीआईडब्ल्यूजी) की बैठक (जयपुर में) के दौरान ब्रिटेन की टीम भारत आ रही है और हम उम्मीद कर रहे हैं कि हम बाकी मुद्दों को पूरा कर लेंगे।
भारत और ब्रिटेन प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत की प्रक्रिया पूरी करने के बेहद करीब हैं। दोनों देश कुछ मुद्दों पर अपने मतभेदों को दूर करने में लगे हुए हैं।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति मामलों की प्रमुख भारत आएंगी। यात्रा के दौरान भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत फिर से शुरू करने पर जोर दे सकती हैं।
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