Blast In Islamabad: पाकिस्तान की राजधानी Islamabad को धमाके ने दहला दिया है। इमामबाड़े में हुए ब्लास्ट में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और 250 से अधिक लोग घायल हैं। ये Blast तब हुआ जब लोग Imambara में नमाज पढ़ रहे थे। इस विस्फोट में Shia नमाजियों को निशाना बनाया गया है। हिस्ट्री के सबसे बड़े धमाकों में ज्यादातर शिया और अहमदी मस्जिदों को ही टारगेट किया गया। इन बड़े हमलों में मिस्र, पाकिस्तान और सऊदी अरब की मस्जिदों पर हमले और धमाकों का नाम शामिल है। इस आर्टिकल में देखिए पूरी लिस्ट।
सिनाई मस्जिद धमाका 2017: 305+ की मौत
ऐतिहासिक रिकॉर्ड से समझें तो नमाज के दौरान हुए सबसे बड़े धमाकों की लिस्ट में टॉप पर नाम मिस्र का है। यहां 2017 में नमाज के दौरान सिनाई की मस्जिद में भीषण धमाका हुआ था। इस धमाके में 305 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। 24 नवंबर, 2017 को नॉर्थ सिनाई में अल-रावदा मस्जिद पर शुक्रवार की नमाज के वक्त आतंकियों ने अटैक किया। उन्होंने पहले धमाके किए और फिर जान बचाने के लिए भागते हुए नमाजियों को गोलियां मारीं। यह मिस्र के इतिहास का सबसे खतरनाक आतंकी हमला था।
पेशावर मस्जिद धमाका 2023: 100+ की मौत
इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर नाम पाकिस्तान के पेशावर में हुए मस्जिद धमाके का नाम है। यह विस्फोट 30 जनवरी, 2023 को पेशावर की पुलिस लाइंस मस्जिद में हुआ था। इसमें करीब 100 लोगों की जान चली गई। दोपहर की नमाज के दौरान यह विस्फोट हुआ था। धमाके से मस्जिद की छत ढह गई थी, जिस भारी जानमाल का नुकसान हुआ।
लाहौर मस्जिद धमाका 2010: 85+ की मौत
तीसरे स्थान पर भी पाकिस्तान की मस्जिद की नाम है। लाहौर में 28 मई 2010 को अल्पसंख्यक अहमदिया समुदाय की 2 मस्जिदों को एक साथ ही जुमे की नमाज के दौरान निशाना पर लिया गया था। यहां आत्मघाती हमला, हथगोलों और गोलियां बरसाकर हमला किया गया था। इस अटैक में 85 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
खैबर पख्तूनख्वा मस्जिद धमाका 2016: 37+ की मौत
चौथे नंबर पर भी पाकिस्तान है। इसमें 16 सितंबर 2016 को खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद एजेंसी इलाके में फिदायीन अटैक किया गया था। इसमें हमले में 37 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ने आए लोगों की जान ले ली गई थी।
सऊदी अरब मस्जिद धमाका 2015: 22 की मौत
इस सूची में 5वें नंबर पर सऊदी अरब की मस्जिद का नाम है। यहां 22 मई 2015 को कतीफ शिया मस्जिद में बम धमाका हुआ था। इस ब्लास्ट में करीब 22 लोगों की जान चली गई थी। इसकी जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी। यह धमाका कुदैह गांव की शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान हुआ था।
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