1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. फाइनेंशियल फ्रॉड होने पर ग्राहकों को मिलेगा ₹25,000 तक का हर्जाना, RBI ने रखा प्रस्ताव

फाइनेंशियल फ्रॉड होने पर ग्राहकों को मिलेगा ₹25,000 तक का हर्जाना, RBI ने रखा प्रस्ताव

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Feb 06, 2026 02:06 pm IST,  Updated : Feb 06, 2026 02:06 pm IST

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर और पेमेंट सिस्टम में टेक्नोलॉजी के तेजी से अपनाए जाने को देखते हुए, इन निर्देशों के जारी होने के बाद से मौजूदा निर्देशों की समीक्षा की गई है।

fraud, financial fraud, cyber fraud, cyber crime, digital arrest, upi, upi fraud, rbi, reserve bank - India TV Hindi
तीन दिशानिर्देश का मसौदा जारी करेगा आरबीआई Image Source : RBI

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने शुक्रवार को छोटी रकम वाले फ्रॉड ट्रांजैक्शन में हुए नुकसान के लिए ग्राहकों को 25,000 रुपये तक की हर्जाने को लेकर नई रूपरेखा लाने की घोषणा की। गवर्नर ने चालू वित्त वर्ष के लिए आखिरी मीटिंग के फैसलों की घोषणा करते हुए कहा, ''हम डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए संभावित उपायों पर एक डिस्कशन पेपर भी पब्लिश करेंगे। इन उपायों में 'देरी से क्रेडिट' और वरिष्ठ नागरिकों जैसे खास वर्ग के लोगों के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण शामिल हो सकते हैं।'' क्रेडिट में देरी का मतलब डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्था है। इसमें कुछ ट्रांजैक्शन से प्राप्त पैसों को रिसीवर के बैंक अकाउंट में जानबूझकर कुछ देर बाद जमा किया जाता है।

तीन दिशानिर्देश का मसौदा जारी करेगा आरबीआई

संजय मल्होत्रा ने कहा कि ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए, आरबीआई तीन दिशानिर्देश का मसौदा जारी करेगा। पहला- गलत बिक्री से संबंधित, दूसरा- अनधिकृत तरीके से इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन में ग्राहकों की देनदारी को सीमित करने और तीसरा- लोन रिकवरी तथा रिकवरी एजेंट को जोड़ने के संबंध में होगा। मल्होत्रा ने कहा, ''छोटी रकम के धोखाधड़ी वाले लेनदेन में हुए नुकसान के लिए ग्राहकों को 25,000 रुपये तक के हर्जाने को लेकर एक रूपरेखा लाने का भी प्रस्ताव है।'' अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन में ग्राहकों की देनदारी को सीमित करने संबंधी मौजूदा निर्देश 2017 में जारी किए गए थे। इनमें ग्राहक की शून्य/सीमित देनदारी की परिस्थितियों और समय-सीमाओं का उल्लेख है।

जल्द ही सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया जाएगा संशोधित निर्देशों का मसौदा

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर और पेमेंट सिस्टम में टेक्नोलॉजी के तेजी से अपनाए जाने को देखते हुए, इन निर्देशों के जारी होने के बाद से मौजूदा निर्देशों की समीक्षा की गई है। मल्होत्रा ने कहा कि इसे देखते हुए छोटी राशि के धोखाधड़ी वाले लेनदेन के मामले में क्षतिपूर्ति के लिए एक रूपरेखा समेत संशोधित निर्देशों का मसौदा जल्द ही सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया जाएगा। मल्होत्रा ​​ने कहा कि वित्तीय संस्थानों द्वारा वित्तीय उत्पादों और सेवाओं की गलत बिक्री का ग्राहकों और ऐसी संस्थाओं दोनों पर गंभीर परिणाम होता है। इसलिए ये सुनिश्चित करना जरूरी है कि बैंक काउंटर पर बेचे जा रहे थर्ड-पार्टी के उत्पाद और सेवाएं ग्राहकों की जरूरतों और व्यक्तिगत ग्राहकों की जोखिम लेने की क्षमता के अनुरूप हों। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा