Wednesday, February 04, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. मेरा पैसा
  4. लंबी अवधि के लिए SIP में निवेश करने के क्या फायदे हैं? पैसा लगान से पहले यहां समझें

लंबी अवधि के लिए SIP में निवेश करने के क्या फायदे हैं? पैसा लगान से पहले यहां समझें

SIP ने धन सृजन को हर निवेशक के लिए सुलभ बना दिया है। यह साबित करता है कि लंबी अवधि में इक्विटी सबसे बेहतर वेल्थ क्रिएटर है और इसके लिए किसी जीनियस होने की नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और निरंतर निवेश की जरूरत होती है।

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman
Published : Feb 03, 2026 11:53 pm IST, Updated : Feb 04, 2026 12:03 am IST
हर महीने एक छोटी पूंजी निवेश कर आप एसआईपी के जरिये बड़ी पूंजी बना सकते हैं।- India TV Paisa
Photo:INDIA TV हर महीने एक छोटी पूंजी निवेश कर आप एसआईपी के जरिये बड़ी पूंजी बना सकते हैं।

SIP यानी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान आज के समय में पैसा बनाने का सबसे पावरफुल और हर किसी के लिए आसान माध्यम बन चुका है। यह आपको अनुशासित तरीके से छोटी-छोटी राशि नियमित रूप से निवेश करने की सुविधा देता है, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का डर खत्म हो जाता है और कंपाउंडिंग की ताकत आपके पक्ष में काम करती है। एसआईपी का असली जादू समय और निरंतरता में छिपा है। 

SIP के 9 सबसे बड़े फायदे

लक्ष्य-आधारित निवेश

रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई, घर/कार खरीदना या विदेश यात्रा- SIP आपको ऑटो-पायलट मोड पर लक्ष्य की ओर ले जाता है। एक बार लक्ष्य तय, फिर बस नियमितता बनाए रखनी है।

छोटी शुरुआत, बड़ा परिणाम
₹500 या ₹1,000 से भी शुरू कर सकते हैं। समय के साथ छोटी बचतें करोड़ों में बदल सकती हैं, यही SIP की सबसे बड़ी ताकत है।

स्टेप-अप SIP – सैलरी बढ़े, SIP भी बढ़े
हर साल 5-10% बढ़ोतरी जोड़ें तो नतीजे और शानदार हो जाते हैं।  ₹1,000 से शुरू, 30 साल, 12% रिटर्न + हर साल 5% स्टेप-अप - कॉर्पस लगभग ₹52 लाख  
हर साल 10% स्टेप-अप - कॉर्पस लगभग ₹88 लाख
आपकी आय बढ़ने के साथ निवेश भी बढ़ता है- बिना ज्यादा महसूस हुए!

अनुशासन और आदत का निर्माण
SIP हर महीने ऑटो-डेबिट से कटता है – न भूलने की चिंता, न भावनाओं में बहने का खतरा।

पूरी तरह लचीला
राशि बढ़ा-घटा सकते हैं, फंड बदल सकते हैं, SIP रोक/शुरू कर सकते हैं आपकी सुविधा सर्वोपरि।

रुपी कॉस्ट एवरेजिंग- बाजार का डर खत्म
बाजार गिरे तो ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, चढ़े तो कम। लंबे समय में औसत खरीद मूल्य कम होता है और रिटर्न बेहतर।

कंपाउंडिंग का चमत्कार
पहले कुछ साल रिटर्न धीमे लगते हैं, लेकिन 8-10 साल बाद "रिटर्न पर रिटर्न" शुरू होता है और ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ता है।

मार्केट टाइमिंग की जरूरत नहीं
"सही समय" का इंतजार करने के बजाय हर महीने निवेश – इतिहास बताता है कि समय बाजार में रहना > बाजार का समय पकड़ना।

पारदर्शिता और सुरक्षा
रोजाना NAV, पोर्टफोलियो अपडेट, SEBI के सख्त नियम – सब कुछ खुला और सुरक्षित।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Personal Finance से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement