भारतीय शेयर बाजार में मची उथल-पुथल के बीच ऐसी कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं, जिन्होंने अपने निवेशकों के पोर्टफोलियो को मैनेज किया हुआ है।
अगर आप युवा हैं और 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर भविष्य के लिए निवेश की शुरुआत करना चाहते हैं तो यह आपके लिए एक सही समय है। आप अभी से अपनी आर्थिक सुरक्षा की नींव डाल सकते हैं।
म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश वर्ष 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों की अनुशासित और दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण की बढ़ती रुचि के चलते साल 2025 में SIP के माध्यम से कुल ₹3.34 लाख करोड़ का निवेश हुआ, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है।
आज के दौर में रिटायरमेंट प्लानिंग सिर्फ एक ऑप्शन नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है। बढ़ती महंगाई और मेडिकल खर्चों को देखते हुए ज्यादातर लोग चाहते हैं कि रिटायरमेंट तक उनके पास कम से कम 1 करोड़ रुपये का फंड जरूर हो। ऐसे में म्यूचुअल फंड की SIP एक भरोसेमंद और अनुशासित तरीका मानी जाती है।
एम्फी के आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने दिसंबर में 66,591 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की जानकारी दी। इसका मुख्य कारण निश्चित आय वाली योजनाओं से भारी मात्रा में निकासी थी।
एसआईपी में कभी भी एक समान रिटर्न नहीं मिलता है। लेकिन, लंबी अवधि में नुकसान होने का जोखिम काफी कम हो जाता है।
एसआईपी (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) एक अनुशासित निवेश का तरीका है, जिसमें निवेशक नियमित अंतराल पर म्यूचुअल फंड में एक तय राशि निवेश करते हैं। इसके जरिये आप बड़ा फंड बना सकते हैं।
अगर आप महीने-महीने थोड़ी बचत करके करोड़पति बनने का लक्ष्य रखते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद काम की है। अगर हर महीने 5000 रुपये लगाए जाएं, तो 1 करोड़ रुपये बनने में कितना समय लगेगा? आइए जानते हैं।
निवेशकों को इस बात का हमेशा ध्यान रखना होगा कि एसआईपी में कभी भी एक समान रिटर्न नहीं मिलता है। लेकिन, लंबी अवधि में नुकसान होने का जोखिम काफी कम हो जाता है।
एसआईपी निवेश का एक एक बेहतरीन तरीका है, जो म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने के लिए एक अनुशासित और व्यवस्थित तरीका प्रदान करता है। इसमें लगातार बने रहने से आप भविष्य के लिए बड़ी पूंजी इकट्ठा कर सकते हैं।
अगर आप 25 साल की उम्र में ही भविष्य की प्लानिंग शुरू कर दें, तो 40 की उम्र तक करोड़पति बनना कोई सपना नहीं रह जाता। सही समय पर सही निवेश आपकी जिंदगी की दिशा बदल सकता है। आज के सयम में SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान को युवाओं के लिए सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका माना जा रहा है।
एसआईपी में आपको हर महीने एक तय तारीख पर एक फिक्स अमाउंट जमा करना होता है। एसआईपी में शेयर बाजार के मोटे रिटर्न के साथ कंपाउंडिंग का भी बंपर फायदा मिलता है।
आज के दौर में हर कोई चाहता है कि उसके पास भविष्य के लिए एक मजबूत फाइनेंशियल बैकअप हो। लेकिन ज्यादातर लोग यह सोचकर निवेश से दूर रहते हैं कि इसके लिए बहुत बड़ी रकम चाहिए। लेकिन अगर सही प्लान और अनुशासन हो, तो छोटी-छोटी रकम भी आपको करोड़पति बना सकती है।
म्यूचुअल फंड में SIP की शुरुआत करने वाले लोगों के मन में एक आम सवाल होता है कि हर महीने कितनी SIP करनी चाहिए? इसका जवाब सिर्फ आपकी सैलरी पर नहीं, बल्कि आपकी उम्र पर भी निर्भर करता है।
भारतीय शेयर बाजार में मची उथल-पुथल के बीच ऐसे कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं, जो अपने निवेशकों के पोर्टफोलियो को मैनेज किया हुआ है।
एसआईपी में कभी भी एक जैसा रिटर्न नहीं मिलता है। एसआईपी में मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह से शेयर बाजार की चाल पर निर्भर करता है।
क्या आप जानते हैं कि अगर आप हर महीने 10,000 रुपये की SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) में निवेश करना शुरू करें, तो लंबे समय में यह आपको करोड़पति बना सकती है? यह सवाल अक्सर निवेशकों के दिमाग में आता है।
SIP, यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान, निवेश का एक तरीका है जिसमें एक तय रकम को रेगुलर इंटरवल पर, जैसे महीने या तिमाही में, म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट किया जाता है। यह तरीका डिसिप्लिन्ड इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देता है और समय के साथ पैसा जमा करने में मदद करता है। इसमें रिटर्न की कोई लिमिट नहीं है। आपको बहुत हाई रिटर्न भ
एसआईपी कभी भी एक जैसा रिटर्न नहीं मिलता है और ये पूरी तरह से शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
दौड़ती–भागती जिंदगी में हर कोई अपने भविष्य को सुरक्षित बनाना चाहता है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि रिटायरमेंट या बड़े लक्ष्य के लिए आखिर कितना और कैसे बचाया जाए? अगर आपका भी सपना आने वाले वर्षों में एक बड़ा फंड तैयार करने का है, तो आपके लिए अच्छी खबर है।
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