टीवी की रामायण की बात आते ही सबसे पहले भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण का चेहरा याद आता है। इन किरदारों को निभाने वाले कलाकार आज भी लोगों के जेहन में बसे हुए हैं, लेकिन इस ऐतिहासिक धारावाहिक में कई ऐसे कलाकार भी थे, जिनकी भूमिकाएं बेहद महत्वपूर्ण होने के बावजूद समय के साथ गुमनामी में चली गईं। उन्हीं में से एक नाम है विजय कविश का। 1987 में प्रसारित हुए निर्देशक रामानंद सागर के इस माइथोलॉजिकल शो में विजय कविश ने अहम रोल अदा किया था।
भगवान शिव के रूप में विजय कविश
रामानंद सागर की रामायण में विजय कविश ने भगवान शिव का किरदार निभाया था। वो इसके अलावा भी दो और किरदार निभाते नजर आए थे। रावण के पिता के रोल में भी विजय ही थे और उन्होंने महर्षि वाल्मीकि का रोल भी निभाया था। उनकी गंभीर आवाज, शांत भाव और प्रभावशाली उपस्थिति ने इस भूमिका को बेहद यादगार बना दिया। दर्शकों ने उनके अभिनय की खूब सराहना की, लेकिन इसके बावजूद उनका नाम मुख्य कलाकारों जितनी लोकप्रियता हासिल नहीं कर सका। रामायण के बाद विजय कविश का करियर एक अलग दिशा में आगे बढ़ा। एक समय देशभर में पहचान बनाने वाले विजय आज मुंबई में डायरेक्टर और एडिटर के तौर पर सक्रिय हैं। उन्होंने अभिनय से दूरी तो नहीं बनाई, लेकिन अब वह कैमरे के सामने से ज्यादा पीछे रहकर काम कर रहे हैं।

यूट्यूब के जरिए रचनात्मक सफर जारी
विजय कविश आज के डिजिटल दौर के साथ खुद को ढाल चुके हैं। वह यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर अपनी शॉर्ट फिल्में और वेब सीरीज अपलोड करते हैं। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए वह अपनी क्रिएटिव सोच और लंबे अनुभव को नए अंदाज़ में दर्शकों तक पहुंचा रहे हैं। हालांकि यह भी सच्चाई है कि फिल्मों और टीवी धारावाहिकों में उन्हें अब पहले जैसा काम नहीं मिल पा रहा है। रामायण से रातों-रात शोहरत पाने वाले विजय कविश आज एक तरह से संघर्ष के दौर से गुजर रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और इंडस्ट्री से जुड़े रहने का रास्ता चुना।

समय के साथ बदला लुक
वक्त के साथ विजय कविश के लुक में भी काफी बदलाव आया है। उम्र का असर उनके चेहरे पर साफ दिखाई देता है और अब उनका लुक पूरी तरह बदल चुका है। रामायण में भगवान शिव के रूप में देखने वाले दर्शक आज की तस्वीरों में उन्हें पहचानने में थोड़ा समय ले सकते हैं। रामानंद सागर की रामायण के अलावा विजय कविश ‘उत्तर रामायण’ में भी नज़र आए थे। इस शो में उन्होंने महर्षि वाल्मीकि का किरदार निभाया, जिसे उन्होंने बेहद संजीदगी और गहराई के साथ पर्दे पर उतारा।

फिल्मों और दूसरे धारावाहिकों में काम
टीवी के साथ-साथ विजय कविश ने फिल्मों में भी हाथ आजमाया। रामायण से पहले साल 1985 में आई फिल्म ‘सलमा’ में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा वह ‘विक्रम और बेताल’ और ‘श्रीकृष्णा’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में भी दिखाई दिए। विजय कविश उन कलाकारों में से हैं, जिनका योगदान भले ही आज चर्चा में न हो, लेकिन भारतीय टेलीविजन के इतिहास में उनका नाम हमेशा दर्ज रहेगा। रामायण जैसे कालजयी धारावाहिक का हिस्सा बनना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है और उनकी कहानी उन कलाकारों की याद दिलाती है, जिनका संघर्ष अक्सर पर्दे के पीछे छिपा रह जाता है।
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