चीन के मुद्दे पर आज संसद में काफी गहमा गहमी रही। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे का जिक्र करते हुए चीन का मुद्दा आज सदन में उठाया। भारी हंगामे के बाद लोकसभा के सत्र को कल (मंगलवार) तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला- राहुल गांधी
वहीं, संसद से निकलने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। मैं वही बात हाउस में कह रहा हूं, जो नरवणे जी की किताब में है। जिसके बारे में एक आर्टिकल में लिखा गया है।'
मैं आर्टिकल को कोट कर रहा- राहुल गांधी
इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा, 'मोदी जी ने राजनाथ सिंह ने उनसे क्या कहा, मैं यही संसद में बोलना चाह रहा हूं। मैं आर्टिकल को कोट कर रहा हूं। जब चीन हमारे सामने खड़ा था, उस समय क्या हो रहा था।'
यह पूर्व आर्मी चीफ का नजरिया- राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, 'यह मैं नहीं कह रहा, यह बात पूर्व आर्मी चीफ ने एक किताब में लिखी है। उस किताब को पब्लिश नहीं होने दिया जा रहा है। वह अटकी हुई है, और यह पूर्व आर्मी चीफ का नजरिया है। वे पूर्व आर्मी चीफ के नजरिए से इतना क्यों डर रहे हैं?'
वे इतना क्यों डर रहे- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आगे कहा, 'आर्मी चीफ जो कहना चाहते हैं, उससे वे इतना क्यों डर रहे हैं? हम इससे कुछ सीखेंगे। बेशक, हम एक प्रधानमंत्री के बारे में कुछ सीखेंगे। हम राजनाथ सिंह जी के बारे में कुछ सीखेंगे। लेकिन हम सेना के बारे में भी कुछ सीखेंगे और यह भी सीखेंगे कि देश के राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को कैसे निराश किया।'
लोगों के सामने आ जाएगी सच्चाई
राहुल गांधी ने कहा, 'वे मुझे बोलने नहीं दे रहे हैं... वे डरे हुए हैं क्योंकि अगर यह बात सामने आती है, तो नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की सच्चाई लोगों के सामने आ जाएगी और जब चीन हमारे सामने खड़ा था, आगे बढ़ रहा था, तब 56 इंच के सीने का क्या हुआ?'
देश के नेता को फैसलों से भागना नहीं चाहिए- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, 'मैं सदन में बोलना चाहता हूं। मुझे नहीं पता कि वे क्यों डरे हुए हैं। यहां मुद्दा ठीक वही है जो प्रधानमंत्री ने कहा और जो राजनाथ सिंह जी ने कहा। जमीन ली गई थी या नहीं, यह एक अलग सवाल है। हम उस पर आएंगे। लेकिन उस पर आने से पहले, देश के नेता को दिशा देनी होती है। देश के नेता को फैसलों से भागना नहीं चाहिए और फैसले दूसरे लोगों के कंधों पर नहीं छोड़ने चाहिए। प्रधानमंत्री ने यही किया है।'