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रोज 1 पेग शराब पीने से बढ़ता है मुंह के कैंसर का खतरा, जानें क्या होते हैं शुरुआती लक्षण

 Written By: Bharti Singh
 Published : Feb 02, 2026 12:59 pm IST,  Updated : Feb 02, 2026 12:59 pm IST

Oral Cancer From Alcohol: कम शराब पीने वालों में भी कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। शराब से मुंह के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है। जानिए शराब पीने वालों में क्या होते हैं ओरल कैंसर के लक्षण?

शराब पीने से कैंसर का खतरा- India TV Hindi
शराब पीने से कैंसर का खतरा Image Source : FREEPIK

Mouth Cancer Symptoms: पिछले कुछ सालों में शराब पीने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। खुद को पार्टी और सोशल ड्रिंकर बताने वाले भी खतरे दी जद में हैं। जी हां रोज सिर्फ 1 पेग पीने वालों में भी कैंसर का खतरा पनप रहा है। ऐसे लोगों को मुंह का कैंसर भी हो सकता है जिसे अभी तक ज्यादातर लोग सिर्फ धूम्रपान या तंबाकू चबाने से जोड़कर देखते थे। लेकिन यह सिर्फ इन्हीं आदतों तक सीमित नहीं है। कई लोग मानते हैं कि अगर वो तंबाकू का सेवन नहीं करते हैं तो उन्हें मुंह के कैंसर का खतरा कम है, लेकिन ऐसी कई छोटी-छोटी चीजें हैं जो कैंसर के खतरे को बढ़ाती हैं। यहां तक कि हर दिन एक ड्रिंक लेना भी मुंह के कैंसर के खतरे को बढ़ाता है।

सेंटर फॉर कैंसर एपिडेमियोलॉजी एंड होमी भाभा नेशनल इंस्टीट्यूट के एक रिसर्च में पाया गया है कि भारत में मुंह के कैंसर के 10 में से 6 से अधिक मामले शराब और गुटखा, खैनी और पान जैसे धुआं रहित तंबाकू उत्पादों के उपयोग से जुड़े हैं। इस रिसर्च के मुताबिक, देश में होने वाले सभी मुंह के कैंसरों में से 62% तंबाकू और शराब के सेवन से होते हैं। हालांकि तंबाकू एक मुख्य खतरा है लेकिन रिपोर्ट बताती हैं कि शराब का सेवन भी मुंह के कैंसर के खतरे को काफी हद तक बढ़ा सकता है। 

शराब से मुंह के कैंसर का खतरा क्यों बढ़ रहा है?

डॉक्टर की मानें तो शराब पीने से एसीटैल्डिहाइड नामक एक विषैला पदार्थ बनता है जो मुंह की कोशिकाओं में मौजूद डीएनए को नुकसान पहुंचाता है। दूसरा, शराब पीने से मुंह के टिशूज की मरने लगते हैं जिससे हानिकारक पदार्थ आसानी से शरीर के अंदर चले जाते हैं। तीसरा कारण यह है कि शराब लार के उत्पादन को कम करती है, जिससे आपका मुंह नेचुरल डिफेंस सिस्टम की तरह सही से काम नहीं कर पाता। इससे सूजन हो सकती है। लगातार ऐसा होने से सेल्स के रिपेयर होने में परेशानी आ सकती है जिससे कोशिका के कैंसरग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है।

मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण 

मुंह के कैंसर के लक्षणों को शुरुआती दौर में ही पहचाना जा सकता है, जैसे कि मुंह के अंदर टिशूज का लगभग लगातार सफेद या लाल रंग के पैच बने रहना। मुंह को पूरी तरह से खोलने में कठिनाई होना। खून आना लेकिन कारण पता न होना।  दांतों का ढीला होना और खाने-पीने में दर्द होना। अगर आपको ये लक्षण 2 से 3 सप्ताह से ज्यादा समय तक दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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