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'लद्दाख में नेपाल-बांग्लादेश जैसे बनाए जाने चाहिए हालात, वांगचुक ने GenZ को था भड़काया,' सुप्रीम कोर्ट में बोली केंद्र सरकार

 Reported By: Atul Bhatia Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Feb 02, 2026 07:49 pm IST,  Updated : Feb 02, 2026 07:55 pm IST

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि सोनम वांगचुक को एनएसए के तहत क्यों गिरफ्तार किया गया है।सरकार ने कहा कि वांगचुक के बयान हिंसा को बढ़ावा देने वाले थे।

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक- India TV Hindi
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक Image Source : PTI

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने कोर्ट से कहा कि सोनम वांगचुक ने युवाओं को भड़काने और देश के खिलाफ सोच फैलाने की कोशिश की है, इसलिए उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया।

देश को बांटने वाली भाषा का कर रहे थे प्रयोग

केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वांगचुक अपने भाषणों में केंद्र सरकार को 'वे' कह रहे थे। सरकार का कहना है कि 'हम और वे' जैसी भाषा देश को बांटने वाली होती है। उनके मुताबिक, यही बात NSA लगाने के लिए काफी है।

हिंसा को बढ़ावा देने वाले बयान

सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि वांगचुक ने युवाओं, खासकर GenZ को भड़काया और कहा कि लद्दाख में नेपाल और बांग्लादेश जैसे हालात बनाए जाने चाहिए। सरकार ने कहा कि उन्होंने अपने भाषणों में आत्मदाह जैसी बातों का जिक्र किया, जो हिंसा को बढ़ावा देने वाला है।

देश की सुरक्षा के लिए बहुत अहम इलाका है लद्दाख

तुषार मेहता ने कहा कि लद्दाख देश की सुरक्षा के लिए बहुत अहम इलाका है, क्योंकि यहां से सेना को सप्लाई जाती है। ऐसे में वहां अलगाव की बातें करना देश के लिए खतरा हो सकता है। सरकार ने बताया कि वांगचुक ने कुछ मौकों पर जनमत संग्रह यानी लोगों से अलग फैसला कराने जैसी बातें भी कही थीं।

कल फिर होनी है मामले की सुनवाई

वहीं, सोनम वांगचुक की पत्नी गितांजलि अंगमो की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि उनके पति ने सिर्फ अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध करने का हक इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करना किसी भी नागरिक का अधिकार है और इसके लिए जेल में डालना गलत है। मंगलवार को भी इस मामले में सुनवाई जारी रहेगी।

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