पाकिस्तान सुपर लीग 2026 के शुरू होने से पहले ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ विदेशी खिलाड़ी कॉन्ट्रैक्ट तोड़कर लीग छोड़ रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ खिलाड़ियों ने आखिरी वक्त पर सैलरी बढ़ाने की बड़ी डिमांड रख दी है, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी PCB की मुश्किलें बढ़ गई हैं। PSL के 11वें सीजन का आयोजन इस बार लाहौर में 26 मार्च से शुरू होना है, लेकिन टूर्नामेंट से पहले ही PCB को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार लीग में दो नई टीमों को शामिल किया गया है, जिससे इसका विस्तार हुआ है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने और अचानक ज्यादा पैसे की मांग करने से सामने आई है।
PSL 2026 पर लटकी तलवार
दरअसल, कई विदेशी खिलाड़ी पहले PSL खेलने के लिए सहमत हो चुके थे, लेकिन अब वे अधिक पैसे वाली IPL को प्राथमिकता देते हुए PSL से हट रहे हैं। IPL 28 मार्च से शुरू हो रहा है, जबकि PSL उससे सिर्फ दो दिन पहले शुरू होगा। दोनों लीग अप्रैल महीने में एक साथ चलेंगी, जिससे खिलाड़ियों के सामने विकल्प चुनने की स्थिति बन गई है।
PTI के सूत्रों के मुताबिक, PCB इस समय PSL को तय समय पर आयोजित कराने पर फोकस कर रहा है और उन खिलाड़ियों के खिलाफ कोई बड़ा एक्शन लेने पर अभी फैसला नहीं किया गया है, जिन्होंने निजी कारणों का हवाला देकर लीग से नाम वापस ले लिया या खुले तौर पर कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा। हालांकि, बोर्ड के भीतर इस बात पर चर्चा जरूर हुई है कि ऐसे खिलाड़ियों पर 2 से 4 साल का बैन लगाया जाए। लेकिन इस फैसले को लेकर भी चिंता है कि इससे भविष्य में बड़े विदेशी खिलाड़ी PSL में आने से बच सकते हैं।
एक और बड़ी चुनौती दोनों लीगों के बीच बड़ा अंतर है। IPL में खिलाड़ियों को काफी ज्यादा रकम मिलती है, जिसके मुकाबले PSL फ्रेंचाइजी उतनी बड़ी रकम ऑफर नहीं कर पा रही हैं। यही वजह है कि खिलाड़ी PSL छोड़कर IPL का रुख कर रहे हैं। पिछले साल PCB ने कॉर्बिन बॉश पर कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने के लिए एक साल का बैन लगाया था, लेकिन इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा। बैन के बावजूद बॉश को IPL ऑक्शन में कॉन्ट्रैक्ट मिल गया, जिससे PCB की सख्ती बेअसर साबित हुई। PCB अब इस मुद्दे को ICC के सामने भी उठाने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में खिलाड़ियों को लीग कॉन्ट्रैक्ट का पालन करने के लिए मजबूर किया जा सके।
कई खिलाड़ियों ने वापस लिया नाम
इस सीजन में जिन विदेशी खिलाड़ियों ने कॉन्ट्रैक्ट साइन करने के बाद PSL से नाम वापस लिया है, उनमें गुडाकेश मोटी, जॉनसन चार्ल्स, दासुन शनाका, ब्लेसिंग मुजरबानी, स्पेंसर जॉनसन, जेक फ्रेजर-मैकगर्क, ओटनील बार्टमैन, रहमानुल्लाह गुरबाज और टाइमल मिल्स शामिल हैं। PSL 11 की शुरुआत से पहले ही जिस तरह के विवाद सामने आ रहे हैं, उससे साफ है कि PCB के लिए इस लीग को सफलतापूर्वक आयोजित करना आसान नहीं होगा। IPL के साथ टकराव और पैसों का अंतर PSL के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
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