म्यूचुअल फंड्स में SIP के जरिए करोड़ों का फंड बनाना आज के युवाओं का सबसे पसंदीदा निवेश तरीका बन चुका है। सोशल मीडिया पर आप अक्सर ऐसे वीडियो और पोस्ट देखते होंगे कि हर महीने इतना पैसा इन्वेस्ट करो और 20-25 साल में करोड़पति बन जाओ! यह सुनने में जितनी अच्छा लगता है, असलियत उससे थोड़ी अलग है।
क्वांट स्मॉल कैप फंड, भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की सबसे पुरानी स्कीम्स में से एक है। क्वांट स्मॉल कैप फंड की शुरुआत 1996 में हुई थी।
बीते कुछ सालों में, म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाले लोगों की संख्या में काफी तेज बढ़ोतरी हुई है। खास बात ये है कि इनमें छोटे निवेशकों और महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है।
मासिक आधार पर म्यूचुअल फंड कंपनियों ने सितंबर के 7.5 प्रतिशत की तुलना में अक्टूबर में आईटी शेयरों में अपना निवेश बढ़ाकर 7.6% कर दिया है।
आज के समय में महंगाई लगातार बढ़ रही है और रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम का कोई भरोसा नहीं होता। ऐसे में अगर आप एक बड़ा कॉर्पस यानी लगभग 10 करोड़ रुपये का फंड तैयार करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको जल्दी प्लानिंग करनी होगी।
पिछले एक साल में जिन निवेशकों ने म्यूचुअल फंड्स में एसआईपी (SIP) के जरिए पैसा लगाया, उनके चेहरे पर इस दिवाली मुस्कान और चमक दोनों लौट आई है। साल 2024 की दिवाली से लेकर अब तक शेयर बाजार ने जबरदस्त तेजी दिखाई है।
थोड़ी समझदारी और सही निवेश रणनीति से आप अपने कार लोन को ब्याज मुक्त जरूर बना सकते हैं। इसके लिए कार लोन लेते समय से ही आपको एक खास कदम उठाने होंगे।
पैन नंबर निष्क्रिय होने की वजह से न तो आप ITR फाइल कर पाएंगे और न ही आप रिफंड्स के लिए प्रोसेस कर पाएंगे।
शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव की वजह से सिर्फ स्टॉक पोर्टफोलियो ही नहीं बल्कि म्यूचुअल फंड्स पोर्टफोलियो पर भी काफी बुरा असर पड़ा है।
म्यूचुअल फंड एसआईपी में कभी भी एक समान रिटर्न नहीं मिलता है और ये पूरी तरह से शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
पिछली दिवाली से लेकर इस दिवाली के दौरान, कुल 522 में से 407 फंड्स ने पॉजिटिव रिटर्न दिया है।
म्यूचुअल फंड एसआईपी में कभी भी एक समान रिटर्न नहीं मिलता है और ये पूरी तरह से शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
जब आप एसआईपी में हर महीने निवेश करने की शुरुआत कर रहे हों तो ध्यान रहे कि फंड्स में डाइवर्सिफिकेशन जरूर होनी चाहिए। साथ ही एसआईपी में निवेश में धैर्य बेहद जरूरी है, क्योंकि एसआईपी का जादू सात से 10 साल बाद दिखता है।
एसआईपी करते समय आपको कुछ बहुत जरूरी बातों का भी ध्यान रखना होगा। एसआईपी में कभी भी एक समान रिटर्न नहीं मिलता है, ये हमेशा ऊपर-नीचे होता रहता है।
एसआईपी को आप जितने लंबे समय के लिए चलाएंगे, आपको उतना ही ज्यादा पैसा मिलेगा। एसआईपी से मिलने वाले रिटर्न पर आपको कैपिटल गेन्स टैक्स भी चुकाना होता है।
यह स्मार्ट स्ट्रैटेजी आपके होम लोन पर चुकाए गए ब्याज की रकम को रिकवर करा देगी। यह आपको मानसिक और आर्थिक रूप से राहत देती है, और लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन का भी जरिया बनती है।
एसआईपी को आप जितने लंबे समय के लिए चलाएंगे, आपको उतना ही ज्यादा पैसा मिलेगा। एसआईपी से मिलने वाले रिटर्न पर आपको कैपिटल गेन्स टैक्स भी चुकाना होता है।
ये बात तो तय है कि म्यूचुअल फंड में शेयर बाजार का काफी रिस्क है, लेकिन इसमें शेयर बाजार से ही मोटी कमाई भी होती है। इसके अलावा, एसआईपी में आपको कंपाउंडिंग का भी भरपूर फायदा मिलता है।
यहां हम जिन म्यूचुअल फंड्स के बारे में जानेंगे, उन्होंने 15 अगस्त, 2024 से लेकर 15 अगस्त, 2025 तक एक साल की अवधि में 82 प्रतिशत तक का छप्परफाड़ रिटर्न दिया है।
इस साल जुलाई में ओवरऑल ईटीएफ में गोल्ड ईटीएफ को छोड़कर कुल 4476 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो जून में सिर्फ 844 करोड़ रुपये था।
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